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महामारी पर भारी आलू बीज की चाहत, भोर से ही उद्यान विभाग पर लग गई लंबी कतार, किसानों ने लगाया बीज वितरण में धांधली व कालाबाजारी का आरोप

 



अयोध्या। वैश्विक महामारी का रूप धारण कर चुके नोबेल कोरोनावायरस के संक्रमण से समाज का हर तबका दहशत में है। सरकार संक्रमण से बचाव के लिए तमाम दिशा निर्देश जारी कर रही है आए दिन दिशा निर्देशों के उल्लंघन में कार्रवाई हो रही है लेकिन आलू बीज की चाहत अन्नदाता के लिए महामारी पर भारी है। बीज की चाह में भोर में ही उद्यान विभाग के काउंटर पर किसानों की लंबी कतार लग गई। बीज के इंतजार में खड़े किसानों ने उद्यान विभाग पर बीज वितरण में धांधली और कालाबाजारी का आरोप लगाया है।


आलू को लेकर तमाम किस्से कहानियां बताई जाती हैं। 'समोसे का आलू' कह कर महत्व की उपमा दी जाती है तो 'आलू' बताकर दृढ़ता और भरोसे पर सवाल उठाया जाता है। बावजूद इसके सब्जियों में आलू ही एक ऐसा है, जो गरीब से लेकर अमीर की थाली में नजर आता है। फिलहाल महामारी में आलू ने भी अपने तेवर अख्तियार कर लिए हैं। गरीबों का प्यारा आलू उनसे दूर होता जा रहा है। खुले बाजार में आलू की कीमत रिकॉर्ड बना रही है। ऐसे में अन्नदाता आलू की फसल के लिए बीज को लेकर हलकान हैं। सरकार की ओर से सस्ती दर पर आलू बीज वितरण की खबर हुई तो सूर्योदय के पहले ही सिविल लाइन स्थित उद्यान विभाग के कार्यालय पर किसानों का मेला लग गया। आलू बीज को लेकर उमड़ी भीड़ के चलते कोरोना को लेकर जारी दिशानिर्देश बेमानी हो गए। खास बात यह दिखी थी पुलिस प्रशासन की ओर से भी संक्रमण से बचाव के लिए कोई उपाय नहीं दिखा। दरअसल प्रशासन की ओर से बुधवार को आलू बीज के वितरण की सूचना किसानों को दी गई थी। सूचना पर जिले भर के विभिन्न क्षेत्रों से किसान बुधवार की भोर में ही उद्यान विभाग के कार्यालय पर पहुंच गए और कार्यालय पर लंबी कतार लग गई।


अफवाह का भी रहा असर


-उद्यान विभाग की ओर से आलू बीज वितरण की सूचना किसानों को दी गई लेकिन किसानों को विस्तार से कुछ भी नहीं बताया गया। बस इतना बताया गया कि टोकन लेकर ही बीज उपलब्ध कराया जाएगा। खुसुर पुसुर शुरू हुई तो अफवाह उड़ी कि वितरण के लिए सीमित मात्रा में ही आलू का बीज आया है। फिर क्या था, बीज हासिल करने के लिए किसानों में होड़ मच गई। कतार में खड़े एक किसान अमानीगंज विकास खण्ड के कमलेन्द्रमणि मिश्र ने बताया कि 100 कट्टी आलू का बीज वितरण के लिए आया है जबकि बीच की चाहत में 500 किसान कतार में खड़े हैं।यहां पहुंचे किसानों को 120 नंबर के बाद का टोकन जारी किया गया। सवाल उठाया कि आखिर इसके पहले के टोकन नंबर किसको अलाट किये गये।


तारुन क्षेत्र के किसानों को नहीं दी गई जानकारी


-आलू बीज हासिल करने के लिए जिले के सभी ब्लॉक क्षेत्रों के किसान उद्यान विभाग पहुंचे लेकिन तारुन विकासखंड क्षेत्र का कोई किसान नहीं दिखा। छानबीन में पता चला कि तारुन क्षेत्र के किसानों को बीज वितरण की जानकारी ही नहीं मुहैया कराई गई। उद्यान विभाग पर बाकी सभी ब्लॉक मुख्यालयों के प्रभारी मौजूद दिखे लेकिन तारुन क्षेत्र के प्रभारी भी नदारद दिखे। कतार में खड़े सओहवल विकास खण्ड क्षेत्र के किसान अमरनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि सुविधा शुल्क लेकर विभाग के बाबू चोरी चुपके टोकन जारी कर रहे हैं। जिससे आम किसानों को हलकान परेशान होना पड़ रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार के लाख दावों के बावजूद क्रय केंद्रों पर धान की खरीद नहीं हो रही। किसानों को नमी ज्यादा होने का हवाला देकर लौटाया जा रहा है। किसान मजबूर होकर सेठ साहूकारों के हाथों औने-पौने में अपना धान को बेचने को मजबूर हैं। किसानों के लिए सरकारी गोदामों, कृषि विभाग, उद्यान विभाग में कोई समुचित व्यवस्था नहीं है।