बौद्ध भिक्षु प्रज्ञानन्द के परिनिर्वाण दिवस पर उनके कार्यों को याद कर भावुक हुए लोग

बौद्ध भिक्षु प्रज्ञानन्द के परिनिर्वाण दिवस पर उनके कार्यों को याद कर भावुक हुए लोग


श्रावस्ती। जेतवन इंटर कालेज के संस्थापक एवं डॉ भीमराव अम्बेडकर को बौद्ध धर्म की दीक्षा देने वाले बौद्ध भिक्षु गलगेदर प्रज्ञानन्द के तीसरे परिनिर्वाण दिवस पर जेतवन इंटर कालेज में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय प्रबन्ध समिति के पदाधिकारियों एवं शिक्षकों समेत अन्य स्टाफ ने भिक्षु स्व0 प्रज्ञानन्द के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि सभा के मौके पर श्रावस्ती के विभिन्न बुद्ध विहारों के बौद्ध भिक्षु भी मौजूद रहे, जिनके द्वारा सूत्रपाठ किया गया। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य पवन कुमार सिंह बौद्ध ने भदंत प्रज्ञानन्द के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रज्ञानन्द एक बौद्ध भिक्षु हीं नहीं, वह एक समाजसेवी एवं शिक्षा पुरुष भी थे। जिन्होंने दुनिया के कई देशों का भ्रमण कर बौद्ध धर्म का प्रचार प्रसार किया। वहीं दूसरी तरफ शिक्षा के क्षेत्र में सबसे पिछड़े जनपदों में सुमार श्रावस्ती में सत्तर के दशक में एक कालेज की स्थापना कर शिक्षा को बढ़ावा दिया।


इतना हीं नहीं प्रज्ञानन्द की प्रेरणा से हीं आसपास के और कई विद्यालयों की स्थापना हुई है। जिसकी वजह से हीं, शिक्षा के क्षेत्र में सबसे पिछड़े क्षेत्र में उन्हे शिक्षा पुरुष के नाम से जाना जाता है। बौद्ध भिक्षु प्रज्ञानन्द अपने श्रावस्ती प्रवास के दौरान लगातर गरीबों के बीच में जाकर उनके दुख दर्द में शामिल होते रहते थे। जिसकी वजह से वह स्थानीय लोगों में लगातार लोकप्रिय रहे हैं। बौद्ध भिक्षु के लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके मृत्यु के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मायावती समेत कई राज्यों के मंत्री, मुख्यमंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री तथा केन्द्रीय मंत्री उनके अन्तिम दर्शन के लिए पहुंचे थे। वहीं बौद्ध भिक्षु प्रज्ञानन्द के अन्तिम संस्कार में भी कई देशों के राष्ट्रध्यक्षों के प्रतिनिधि एवं देश-विदेश के मंत्रीगण श्रावस्ती में मौजूद रहे थे।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ