कुशीनगर: मस्जिद में बारूद विस्फोट के बाद पुलिस हाई अलर्ट पर, मंदिर-मस्जिदों की सघन जांच 

कुशीनगर: मस्जिद में बारूद विस्फोट के बाद पुलिस हाई अलर्ट पर, मंदिर-मस्जिदों की सघन जांच 


कुशीनगर जिले के तुर्कपट्टी थाने के गांव बैरागीपट्टी स्थित मस्जिद में बारूद विस्फोट के बाद पुलिस हाई अलर्ट पर है। मंदिर-मस्जिदों की सघन जांच की जा रही है। कुशीनगर शहर समेत जिले भर में अभियान चलाकर मंदिर व मस्जिदों की व्यवस्था जांची गई।


आधा दर्जन मस्जिदों की हुई जांच


कुशीनगर के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मिश्र ने कहा कि जिले में स्थित मंदिर व मस्जिदों के जांच-पड़ताल के निर्देश दिए गए हैं। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के पकडिय़ार बाजार, नेबुआ, बलकुडिय़ा आदि जगहों पर स्थित मस्जिदों की जांच पड़ताल की गई। बगही कुटी पहुंचे प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार सिंह ने मंदिर की जांच-पड़ताल कर जानकारी ली। पकडिय़ार बाजार स्थित मस्जिद के मौलवी को पुलिस ने थाने पर आकर मिलने को कहा। सोहरौना, खोटहीं, लक्ष्मीगंज आदि जगहों पर स्थित मस्जिद की एसओ संजय मिश्रा ने सघन जांच-पड़ताल की। एसओ मिश्रा ने कहा कि क्षेत्र स्थित मंदिर-मस्जिदों की जांच के निर्देश हुए हैं। 


खंगाली जा रही कुतुबुद्दीन की कुंडली


विस्फोट में हाजी कुतुबुद्दीन का नाम आने के बाद पुलिस के साथ ही खुफिया एजेंसियां उसकी कुंडली खंगालने में जुटी हैं। पूर्व उसके विरुद्ध दर्ज मुकदमों की फाइल भी नए सिरे से खोलने की तैयारी की जा रही है। तुर्कपट्टी पुलिस ने अधिकारियों ने खासतौर से पूछा है कि पूर्व में उसके विरुद्ध दर्ज मुकदमों में क्या कार्रवाई हुई थी। चार्जशीट दाखिल की गई थी कि नहीं? यदि चार्जशीट नहीं दाखिल की गई तो क्यों? बैरागी पट्टी गांव की मस्जिद में 11 नवंबर को विस्फोट होने के बाद से हाजी कुतुबुद्दीन और उसके पोते अशफाक का नाम सुर्खियों में है। मस्जिद में बारूद की खेप पहुंचाने दोनों की अहम भूमिका सामने आने के बाद से ही पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने उनके बारे में अधिक से अधिक जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। मूल रूप से बैरागी पट्टी गांव का रहने वाला हाजी कुतुबुद्दीन, वर्तमान में मऊ जिले में परिवार के साथ रह रहा था।


पहले से विवादित रहा है हाजी कुतुबुद्दीन


लंबे समय से हाजी कुतुबुद्दीन भले ही मऊ में रह रहा है लेकिन हर महीने दो से तीन बार वह गांव जरूर आता था। गांव में काफी पहले से वह बेहद विवादित व्यक्ति के रूप जाना जाता था। तुर्कपट्टी थाने में उसके विरुद्ध चार मुकदमें भी दर्ज हैं। इनमें से तीन मुकदमे दूसरे समुदाय लोगों से धार्मिक आधार पर विवाद करने से जुड़े हैं, जबकि एक मुकदमा नाबालिग से दुष्कर्म और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ था। इन्हीं मुकदमों की वर्तमान स्थिति के बारे में तुर्कपट्टी पुलिस से अधिकारियों ने पूछा है।


मुकदमों में सह अभियुक्त भी पुलिस के निशाने पर


हाजी के विरुद्ध दर्ज मुकदमों में कई सह अभियुक्त भी हैं। विवादों में हाजी के साथ वही लोग रहे होंगे जो, उसके बेहद करीब होंगे। इस आधार पर उनसे भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है। दुष्कर्म के मुकदमे में हाजी के साथ सह अभियुक्त को हबीब को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ भी कर रही है।


सेवाकाल में बार-बार तबादले क्या थी वजह


हाजी कुतुबुद्दीन, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) विभाग में लिपिक के पद पर कार्यरत था। पुलिस की छानबीन में पता चला है कि सेवाकाल के काफी कम समय में उसका तबादला एक जगह से दूसरी जगह होता रहा है। तब जबकि लिपिक संवर्ग में एक व्यक्ति, एक ही जगह पर कई साल तक कार्यरत रहता है। इसके उलट हाजी कुतुबुद्दीन किसी भी जगह ढाई साल से अधिक नहीं टिक पाया। इसकी वजह उसकी संदिग्ध गतिविधियां मानी जा रही हैं। पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखकर पुलिस ने बार-बार उसका तबादला किए जाने की वजह पूछी है।


जयनारायण सिंह, एडीजी रेंज ने कहा


पुलिस और खुफिया एजेंसियां मस्जिद में विस्फोट के मामले का पर्दाफाश करने के करीब हैं। अभी तक छानबीन में काफी अहम तथ्य हाथ लगे हैं। बहुत जल्दी पूरी साजिश के रहस्य से पर्दा उठ जाएगा।  


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