पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग शिक्षकों के हक में बिहार सरकार ने बड़ा लिया फैसला

पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग शिक्षकों के हक में बिहार सरकार ने बड़ा लिया फैसला

पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग शिक्षकों (polytechnic-engineering teachers) के हक में बिहार सरकार (Bihar Government) ने बड़ा फैसला लिया है। बिहार के पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों (polytechnic-engineering college) में शिक्षक पद पर नियुक्ति में अब गेट-नेट की अनिवार्यता नहीं होगी। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा पिछले वर्ष बनाए गए नियमों के आलोक में राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है। पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षकों को सिर्फ 40 अंकों की परीक्षा पास करनी होगी। यह प्रश्न भी वस्तुनिष्ठ होंगे। शेष 60 प्रतिशत अंक उन्हें वेटेज के रूप में दिए जाएंगे। बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में पॉलीटेक्निक शिक्षा संवर्ग और अभियंत्रण शिक्षकों की सेवा नियमावली 2020 के गठन को मंजूरी दी गई। आज हुई बैठक में 19 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। बैठक के बाद कैबिनेट के प्रधान सचिव डॉ. दीपक प्रसाद ने बताया कि पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग शिक्षकों की नियुक्ति के लिए की 100 अंकों की परीक्षा होगी। 40 अंक की परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। शेष 60 नंबर अभ्यर्थी को उनके अनुभव, शोध पुस्तक प्रकाशन, संगोष्ठी, अनुसंधान मार्ग दर्शन के लिए वेटेज के रूप में दिए जाएंगे। 


वित्तरहित कॉलेजों को 6.30 अरब


डॉ. दीपक प्रसाद ने बताया कि मंत्रिमंडल ने वित्तरहित कॉलेजों को उनके प्रदर्शन के आधार पर सरकारी अनुदान के रूप में 6.30 अरब रुपये स्वीकृत किए हैं। उन्होंने बताया कि वित्तरहित कॉलेजों को उनके छात्रों के रिजल्ट प्रदर्शन के आधार पर अनुदान दिया जाता है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए स्वीकृत की गई है। 


सिमुलतला स्कूल के लिए 75.14 करोड़ 


मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में सिमुलतला आवासीय आवासीय विद्यालय को आधारभूत संरचना निर्माण के लिए 75.14 करोड़ रुपये देने का फैसला किया है। इस स्वीकृत राशि में से फिलहाल दो करोड़ रुपये मुक्त किए जाएंगे। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने राज्य के गैर सरकारी मान्यता प्राप्त अराजकीय अल्पसंख्यक माध्यमिक स्कूलों में 27 मई 2011 के बाद नियोजित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों को नियत वेतन के स्थान पर एक जुलाई 2015 से अनुशंसित वेतनमान के समतुल्य वेतन अनुदान देने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया है। 


बुनियादी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की होगी नियुक्ति


स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियुक्त किए जाने वाले बुनियादी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और स्वच्छता निरीक्षक संवर्ग के मूल कोटि एवं प्रोन्नति के पदों पर नियुक्ति अब कर्मचारी चयन आयोग नहीं बल्कि तकनीकी सेवा आयोग करेगा। मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। प्रधान सचिव ने बताया कि मंत्रिमंडल ने बुनियादी स्वास्थ्य कार्यकर्ता संवर्ग नियमावली 2020 और स्वच्छता निरीक्षक संवर्ग नियमावली 2020 को आज मंजूरी दी। इस नियमावली में किए गए प्रावधान के मुताबिक इन दोनों पदों पर बहाली कर्मचारी चयन आयोग के स्थान पर तकनीकी सेवा आयोग के मार्फत होगी। कर्मचारियों को किसी परीक्षा का सामना नहीं करना होगा। उन्हें पूर्व की परीक्षा में प्राप्तांक के आधार पर नियुक्त किया जा सकेगा। 


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