उत्तर-पूर्वी दिल्ली में पिछले 48 घंटों के दौरान हिंसक घटनाओं में 10 लोगों की मौत,186 लोग घायल

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में पिछले 48 घंटों के दौरान हिंसक घटनाओं में 10 लोगों की मौत,186 लोग घायल

दिल्ली के विभिन्न हिस्सों विशेष उत्तर-पूर्वी दिल्ली में पिछले 48 घंटों के दौरान हिंसक घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई है और 186 लोग घायल हो गए हैं। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता एम.एस. रंधावा ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घायलों में 56 पुलिसकर्मी और 130 नागरिक हैं। रंधावा ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील करते हुए कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में धारा 144 लगा दी गई है। साथ ही रंधावा ने बताया कि हिंसक घटनाओं को लेकर 11 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। 


तैनात किए जा रहे एक हजार सशस्त्र पुलिसकर्मी


दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘मैं विशेष कर उत्तर पूर्वी दिल्ली के लोगों से अपील करता हूं कि वह कानून अपने हाथ में नहीं लें। हम स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए ड्रोन की मदद ले रहे हैं।'' उन्होंने दिल्ली में पुलिस बल की कमी से इनकार करते हुए कहा कि उत्तर-पूर्वी जिले में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय से अतिरिक्त सुरक्षा बल मिला है और उन्हें प्रभावित क्षेत्रों में र्तैनात किया जा रहा है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) त्वरित कार्य बल (आरएएफ) और दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त बल को भी तैनात किया गया है।अब स्थिति नियंत्रण में है। 


टीवी पत्रकारों पर हमला, एक की हालत गंभीर
वहीं हिंसा में जेके 24 X 7 न्यूज चैनल का एक पत्रकार गोली लगने से घायल हो गया और एनडीटीवी के दो पत्रकारों को दंगाइयों ने बुरी तरह पीटा। जेके 24 X 7 न्यूज चैनल ने एक ट्वीट में कहा कि उसके पत्रकार आकाश को दिल्ली के मौजपुर क्षेत्र में संघर्ष की कवरेज के दौरान गोली लग गई। वह अस्पताल में हैं जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। एनडीटीवी ने कहा कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में एक जगह उसके पत्रकार अरविन्द गुणशेखर पर दंगाइयों ने हमला किया। उनका एक दांत टूट गया है। जब उनके सहकर्मी सौरभ ने उन्हें बचाने की कोशिश की तो उनपर मुक्के से वार किया गया। अन्य कई पत्रकारों ने भी सोशल मीडिया पर अपनी कहानी बयां की और बताया कि किस तरह उनके साथ मारपीट की गई। कुछ ने आरोप लगाया कि उनसे उनकी धार्मिक पहचान के बारे में पूछा गया। सोमवार को भी पत्रकारों को हिंसा की कवरेज के दौरान भारी मुश्किल से गुजरना पड़ा था। कई पत्रकारों को धमकी दी गई और उनके साथ धक्कामुक्की की गई। जीटीबी अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार हिंसा में मरनेवालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है।


रतन लाल की राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई 
हिंसक प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों की गोली से मारे गए दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल को पुलिस लाइन में मंगलवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, उप राज्यपाल अनिल बैजल और दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने रतन लाल को अंतिम विदाई दी और श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस मौके पर बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी, रतन लाल के सहयोगी और अन्य लोग भी मौजूद थे। अंतिम विदाई के समय वहां मौजूद गणमान्य और अन्य लोगों ने दो मिनट का मौन रखा और पुलिस ने मातमी धुन बजाकर रतनलाल को विदाई दी। 


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