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कुशीनगर /खड्डा :इस वर्ष भी कोरोना के चलते नारायणी नदी तट के भैसहा गाँव का प्राचीन चैत्र बरणी मेला नहीं लगा




।।कुशीनगर के खडडा से बाबा की रिपोर्ट ।।

सदियो से विना रुके चली आ रही चैत्र बरणी पर्व का धार्मिक आयोजन कोरोना महामारी के चलते दूसरे वर्ष भी नहीं हुआ। ,खडडा क्षेत्र के भैसहा गाँव के दुर्गा मंदिर पर लगता है मेला, नारायणी मे श्रद्धालु लगाते हैं डुबकी ।


कुशीनगर जनपद के खडडा थाना अन्तर्गत ग्राम भैसहा के प्राचीन दुर्गा मंदिर में पूजा करने सदियो से चैत्र पूर्णिमा के दिन यूपी विहार नेपाल के श्रद्धालु आते थे इस अवसर पर नारायणी मे स्नान कर पुण्य अर्जित करते थे।चार दशक पहले तक एक माह तक यहाँ मेला चलता था ,लोग अपने जरूरत के सामानो की खरीदारी करते थे। खेती किसानी व दैनिक कार्य हेतु लकड़ी के सामान व लोहे ,तथा मिट्टी के वर्तन के लिए यह मेला प्रसिद्ध था ही नेपाली मसाला व सीजनल फसलो की बिक्री का भी प्रमुख केन्द्र रहने वाला यह मेला धीरे धीरे सिमटकर कुल चार दिन का रह गया है। प्रमुख रूप से चैत्र पूर्णिमा को भारी संख्या में श्रद्धालु पहुचते रहे हैं ,लगभग पांच किलोमीटर के क्षेत्र में लोगों की मौजूदगी रहती थी।परंतु कोरोना वायरस ने एक झटके में सदियो से चली आ रही परंपरा को रोक दिया ,पिछले वर्ष भी मेला नहीं लगा और इस वर्ष भी मंगलवार को चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालु नहीं पहुचे।


मंदिर के पुजारी बृजभूषण तिवारी ने बताया की कोरोना के चलते दो साल से श्रद्धालु नहीं आ रहे हैं,मेला नहीं लग रहा है। पुजारी ने मां दुर्गा व नारायणी मां से प्रार्थना करते हुए कोरोना महामारी को समाप्त करने की प्रार्थना की है।