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कावंड मेला को लेकर जिला प्रशासन अर्लट,कवाडियों की व्यवस्थाओं को लेकर किया गंगाघाटों का निरीक्षण


गंगाघाटों पर कावडिय़ों को लेकर डीएम, एसपी का निरीक्षण।

कावंड मेला को लेकर जिला प्रशासन अर्लट,

कवाडियों की व्यवस्थाओं को लेकर किया गंगाघाटों को निरीक्षण,

माघ पूर्णिमा पर्व पर गंगा स्नान के दौरान डूबकर दो श्रद्धालुओं की हुई थी मौत

तीन को निकाला था सकुशल, मामा भांजे के मिले तीसरे दिन शव

कासगंज । पटियाली , आगामी महाशिवरात्रि पर्व को लेकर जिला प्रशासन एक्शन मोड में नजर आया। जहां स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए गंगा में प्रशासन द्वारा वेरिकेटिंग कराई गई। जिससे सुरक्षा के दायरे में श्रद्धालु स्नान कर सकें स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए लगातार जिला प्रशासन के आलाधिकारी गंगा घाटों का निरीक्षण भी कर रहे हैं, इसी को लेकर आज जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने कादरगंज गंगा घाट का निरीक्षण किया, और वहां मौजूद सभी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की है

हम आपको बता दें पटियाली के कादरगंज गंगा घाट पर कावड़ियों और श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ता है, जिनकी सुरक्षा के लिए वहां पुलिस प्रशासन की व्यवस्था भी दुरूस्त की जाती है। वहीं शिवरात्रि से 10 दिन पूर्व से ही कावड़ यात्रा शुरू होती है जिसमें हजारों की संख्या में रोजाना कावड़िए कावड़ लेकर अपने गंतव्य के लिए रवाना होते हैं बताते चलें कि विगत दिनों माघ पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान के दौरान मामा भांजे की गंगा में डूब जाने से मौत हुई थी जिसके बाद ही प्रशासन को अपनी कुछ गलतियों का अहसास हुआ और उसके बाद फिर प्रशासन एक्शन मोड में आया वहीं स्नानार्थियों की बेहतर सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा कादरगंज गंगा घाट पर स्नान के लिए चिन्हित जगह पर वेरिकेटिंग कराई गई। जहां श्रद्धालु बेझिझक स्नान कर सकेंगे इसी को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सोनकर ने कादरगंज गंगा घाट पर जाकर व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा, एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आने वाले महाशिवरात्रि पर्व तक लगातार गंगा घाटों पर सारी व्यवस्थाएं दुरूस्त रखी जाएं किसी भी तरह की कोई भी घटना दुर्धटना घटित न हो विगत दिनों गुजरी अनहोनी घटना से सबक लेते हुए प्रशासन कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है बतादें कि यहां दूरदराज से आने वाले कावड़िए गंगा में स्नान करते हैं और उसके बाद कावड़ लेकर अपने गृह जनपद के लिए रवाना होते हैं गंगा स्नान करते समय कई बार कावड़ियों के डूबने की भी घटना घटित हो चुकी है इसलिए सभी व्यवस्थाएं को 24 घंटे दुरूस्त रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हो सके।