नदी, तालाब समेत अन्य जल स्रोतों में किसी भी प्रकार की सामग्री को डालने से बचना चाहिए: CM योगी

नदी, तालाब समेत अन्य जल स्रोतों में किसी भी प्रकार की सामग्री को डालने से बचना चाहिए: CM योगी


गंगा और उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ बनाने के लिए जनसहभागिता पर जोर देते हुये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नदी, तालाब समेत अन्य जल स्रोतों में किसी भी प्रकार की सामग्री को डालने से बचना चाहिए। लक्ष्मण मेला मैदान पर 'अखिल भारतीय भोजपुरी समाज' द्वारा आयोजित छठ पूजा कार्यक्रम में योगी ने छठ घाट पर भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद कहा कि छठ पर्व लोक आस्था के साथ ही, प्रकृति के प्रति हमारी भावनाओं को उजागर करता है। पूरी सात्विकता और आत्मिक शुद्धि के साथ मनाया जाने वाला यह पर्व सामाजिक समरसता का पर्व भी है।


उन्होंने कहा कि सूर्य जीवन्त देवता है। सूर्य प्रकृति और जीवन का आधार है। इसके बिना जीवन की कल्पना सम्भव नहीं है। भगवान सूर्य की उपासना के साथ ही, हमें जल की शुद्धि व जल संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। नदी, तालाब आदि जल स्रोतों को गंदा व अपवित्र करना आस्था नहीं, अनास्था है। हम सभी को नदी, तालाब आदि जल स्रोतों में किसी भी प्रकार की सामग्री को डालने से बचना चाहिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि भोजपुरी समाज देश और दुनिया में जहां भी गया, लोक आस्था के अपने पर्व और त्योहार लेकर गया। आज देश के प्रमुख नगरों सहित विश्व के अनेक देशों में छठ पूरी आस्था व श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। मॉरीशस में भोजपुरी को राजभाषा का सम्मान प्राप्त है। दीपोत्सव में शामिल हुई फिजी गणराज्य की संसद की उपसभापति श्रीमती वीना भटनागर के, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार के रहने वाले पूर्वज छ: पीढ़ी पूर्व फिजी गए थे।


उन्होंने कहा कि अयोध्या में दीपावली के अवसर पर दीपोत्सव-2019 का दिव्य और भव्य आयोजन किया गया। इस बार अयोध्यावासियों की सहभागिता से अयोध्या में 06 लाख 11 हजार से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए गए। पर्व और त्योहारों में जनसहभागिता से हमारी सामूहिकता की भावना सामने आती है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना को भी प्रदर्शित करता है।


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