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कानपुर एनकाउंटर के मुख्य आरोपी विकास दुबे के भाई के लखनऊ घर पर मिली सरकारी कार,पड़ताल शुरू


कानपुर एनकाउंटर के मुख्य आरोपी विकास दुबे के भाई के लखनऊ घर पर मिली सरकारी कार की पड़ताल शुरू हो चुकी है। सरकारी कार वृंदावन योजना में रहने वाले विनीत पांडे ने नीलामी में ली थी अब पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि आख़िर ये कार दीप प्रकाश के पास कैसे पहुंची? विनीत हिरासत में ले लिया गया है।


 


कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या में फरार विकास दुबे के भाई दीप प्रकाश उर्फ दीपक के इन्द्रलोक कालोनी स्थित घर में विशेष सचिव, राज्य सम्पत्ति विभाग के नाम की एम्बेस्डर कार भी बरामद हुई। यह कार सम्पत्ति विभाग से नीलामी में ली गई थी। लापरवाही इस हद तक सामने आयी है कि सरकारी नीलामी में खरीदी गई इस कार को आरटीओ से दीपक ने अपने नाम ट्रांसफर ही नहीं कराया गया। विभाग ने भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इस कार के बारे में कई और जानकारी जुटायी जा रही है। 


 


कृष्णानगर पुलिस यह भी पता कर रही है कि कहीं इस कार का गलत इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा था। आरटीओ के मुताबिक यूपी 32 बीजी 1056 नम्बर वाली इस कार का रजिस्ट्रेशन 29 जून, 2006 को हुआ था। इसमें गाड़ी मालिक का नाम विशेष सचिव राज्य सम्पत्ति विभाग लिखाया गया था। नियमानुसार नीलामी कराने वाला विभाग पर गाड़ी को ट्रांसफर कराने की जिम्मेदारी होती है ताकि अगर गाड़ी लेने वाले से कोई दुर्घटना या अपराध हो जाये तो विभाग न फंसे। पर, यहां लापरवाही बरती गई। स्थानीय लोग बताते हैं कि यह गाड़ी कभी-कभी निकाली जाती थी। पर, जब भी निकलती थी तो दो-तीन दिन बाद ही आती थी। इस बयान पर भी पुलिस पड़ताल कर रही है। वहीं इस गाड़ी को लेकर एसीपी कृष्णानगर दीपक सिंह, इंस्पेक्टर कृष्णानगर डीके उपाध्याय ने करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद पुलिस टीम वहां से लौट आयी। पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है।