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किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत पंजीयन करवाने हेतु किसानों से की अपील


किसानों को धान फसल की निंदाई-गुड़ाई करने की समसामयिक कृषि सलाह


 


उड़द-मूंग की बुआई हेतु जमीन की जुताई सम्बन्धी तैयारी कर सकते हैं किसान


 


बीजापुर/ 27 अगस्त 2020ः- कृषि विभाग के द्वारा वर्तमान में किसानों को धान फसल की निंदाई-गुड़ाई करने सम्बन्धी समसामयिक कृषि सलाह देते हुए कहा गया है कि धान की फसल में खरपतवार को दृष्टिगत रखते हुए किसान भाई निंदाई करने सहित गुड़ाई कर सकते हैं। वहीं खेतों से अनावश्यक बहने वाले पानी को रोकने के लिए मेड़ बांध कर रख सकते हैं। इस बारे में उपसंचालक कृषि बीजापुर श्री पीएस कुसरे ने बताया कि जिले में कृषि विभाग के मैदानी अमले द्वारा किसानों को धान फसल की निंदाई-गुड़ाई की सलाह दी जा रही है, जिससे धान फसल की बढ़वाॅर एवं गभोट की स्थिति अच्छी हो सके। इसके साथ ही किसानों को सितम्बर महीने में बोयी जाने वाली उड़द-मूंग आदि दलहन के लिए जमीन की अच्छी तरह जुताई कर पूरी तैयारी किये जाने की समझाईश दी जा रही है। उन्होने बताया कि वर्तमान में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों तथा किसान मित्रों द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत किसानों को लाभान्वित करने के लिए किसानों का पंजीयन किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत हरेक पंजीकृत किसान को प्रति वर्ष 6 हजार रूपए की सम्मान निधि सीधे बैंक खाते में उपलब्ध करायी जाती है। उक्त योजनान्तर्गत पंजीयन के लिए किसान भाई अपने आवेदन पत्र के साथ किसान पुस्तिका (पट्टा), बैंक पासबुक एवं आधार कार्ड की फोटोकाॅपी संलग्न कर सम्बन्धित क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या किसान मित्र के पास जमा कर सकते हैं। उपसंचालक कृषि श्री पीएस कुसरे ने बताया कि अभी राजस्व एवं कृषि विभाग के मैदानी अमले राजस्व निरीक्षक, पटवारी, कृषि विकास अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के दल द्वारा खरीफ फसल की गिरदावरी कार्य किया जा रहा है। जिसमें किसानों के निरा बोये गये खरीफ फसल की फसलवाॅर रकबा, खसरावाॅर जानकारी दर्ज की जा रही है। इस दिशा में किसानों से आग्रह है कि जब उक्त दल गिरदावरी के लिए गांव में पहुँचे तो उन्हे बोये गये वास्तविक खरीफ फसल सहित रकबा, खसरा आदि की पूरी जानकारी देवें, ताकि वास्तविक रूप से आंकलन किया जा सके। इस खरीफ फसल गिरदावरी के आधार पर समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का विक्रय करने की सुविधा किसानों को मिलेगी। इसलिये उन्होने खरीफ फसल गिरदावरी में सक्रिय रूप से सहयोग प्रदान करने का आग्रह किसानों से किया है।