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शिक्षा के मंदिर में आपसी गुटबाजी के खेल में बच्चों का भविष्य बर्बाद 

 



परिषदीय विद्यालय के समय सारणी का शिक्षक उड़ा रहे धज्जियां


रघुराज सिंह की रिपोर्ट-


बीजपुर /सोनभद्र : म्योरपुर खण्ड शिक्षा क्षेत्र के जरहा न्याय पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात कुछ शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुचते। बताया जाता है कि सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक के स्कूल समय मे कुछ गैर जिम्मेदार मास्टर खुद तो समय से नही आते है दूसरे शिक्षकों को भी अपने राजनीतिक भ्रमजाल में फंसा कर होटलों सहित मुफीद स्थानों पर दिन में ही महफ़िल सजाकर बैठक बाजी में मशगूल देखे जा सकते हैं। सूत्रों पर भरोसा करें तो ऐसे गैर जिम्मेदार शिक्षक समूचे शिक्षा जगत को ही बदनाम करने में लगे हुए हैं। बताया जाता है कि अधिकारियों के कृपा पात्र राजनीतिक गुटबाजी के कारण सरकारी स्कूलों में समय कम देकर अपने अन्य धंधे में अधिक समय देते हैं। प्रमाण स्वरूप बीजपुर पुनर्वास प्रथम के प्राथमिक विद्यालय में 237 बच्चे है तो इनको पढ़ाने के लिए कुल 08 शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। वहीं यूपीएस में 238 बच्चे है तो उनको पढ़ाने के लिए कुल 05 शिक्षक तैनात हैं। अधिकारियों के कृपा पर सोर्स और फोर्स के बल पर तैनाती लेकर इतनी संख्या में जमे हुए मास्टरों पर गौरकरें तो इलाके के दुरूह क्षेत्र में ऐसे तमाम विद्यालय है जहां सैकड़ो बच्चों पर कहीं कहीं महज एक अध्यापक अथवा एक शिक्षा मित्र ही लगाए गए हैं जो बराबर गायब रहते हैं। ऐसे टीचर स्कूल समय मे बच्चों को विद्यालय में छोड़ प्रायः खुद गायब रहते हैं । गुरुजनों को जहाँतहाँ घूमते देख अभिभावक भी भौचक हैं। कई शिक्षिकाएं तो परिषदीय स्कूल आती हैं लेकिन घण्टे दो घण्टे समय देने के बाद हाजिरी लगा कर अपने घर के बच्चो की देखभाल करने चली जाती हैं सूत्रों से मिली जानकारी पर अमल करें तो यही कारण है कि परियोजना के आसपास इलाके में संचालित विद्यालयो में किसी तरह तैनाती पाकर निजी कार्य मे अधिक समय देते है जो शिक्षा के मंदिर के लिए उचित नही है। इसबाबत बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखनाथ पटेल से जब जानकारी माँगी गयी तो उन्हों ने कहा कि हमें शिकायत मिली है जल्द ही जाँच कराकर ऐसे टीचरों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।


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