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जमुनापारी बकरी प्रकृति द्वारा प्रदत्त एक अनुपम उपहार है-: मुख्य विकास अधिकारी 


इटावा । उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित समूह सदस्यों ने अभिसरण रणनीति अंतर्गत ब्रांड जमुनापारी बकरी पालन पशु शेड में आरंभ किया। इस मौके पर जिलाधिकारी इटावा श्रुति सिंह ने विकासखंड बढ़पुरा बीहड़ क्षेत्र के ग्राम पंचायत गाती में मनरेगा अंतर्गत नवनिर्मित जमुनापारी पशु शेड राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित उन्नति प्रेरणा ग्राम संगठन को हस्तांतरित कर दिया । उन्होंने कहा कि इससे समूह की महिलाओं की आजीविका बढ़ेगी तथा क्षेत्र में विलुप्त हो रही जमुनापारी बकरी की संरक्षण और संवर्धन होगा। पशुपालन के क्षेत्र में यह एक उत्कृष्ट कार्य हैं। महिलाओं द्वारा किया जा रहा यह प्रयास प्रशंसनीय हैं। उन्होंने अधिकारियों को नियमित भ्रमण कर आ रही कठिनाइयों को दूर कराने के लिए निर्देशित किया। पशु चिकित्सा विभाग से समन्वय कर बकरियों की स्वास्थ्य परीक्षण नियमित रूप से कराने और प्रशिक्षित कर्मी द्वारा आय व्यय का लेखाजोखा पारदर्शी तरीके से रखने के लिए निर्देशित किया। महिलाओं का हमेशा उत्साहवर्धन करने की बात कही। डॉ राजा गणपति आर. मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जमुनापारी बकरी प्रकृति द्वारा प्रदत्त अनुपम उपहार है। जनपद इटावा के लिए यह धरोहर समान है। इसका संरक्षण और संवर्धन हम सभी का दायित्व है। यह इटावा की शान है। इसे संरक्षित संवर्धित करने में किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने आजीविका मिशन के कर्मचारियों को शेड का नियमित भ्रमण कर समूह की महिलाओं की सहायता करने की बात कही।


  बृजमोहन अम्बेड उपायुक्त स्वतः रोजगार ने उपस्थित दीदियों को आश्वस्त किया कि बकरी पालन में हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस क्षेत्र में बकरी पालन बहुतायत परिवारों द्वारा किया जाता है। इसके विकास के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बेमौसम सब्जी, ड्रेस सिलाई, मोमबत्ती, अगरबत्ती, मसाला चक्की, चप्पल बनाना, दोना पत्तल बनाने इत्यादि में रुचि रखने वाली सदस्यों को निशुल्क प्रशिक्षण कराकर आजीविका गतिविधि से जोड़ा जाएगा।


उपायुक्त मनरेगा शौकत अली ने कहा कि समूह की दीदियां बहुत ही संघर्षशील है। विभिन्न क्षेत्रों में बहुत उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं।


  दीपेंद्र सिंह तोमर जिला मिशन प्रबंधक आजीविका ने कहा की बकरियों का नियमित टीकाकरण, बीमा, गर्भाधान, पौष्टिक आहार तथा नियमित पशु डॉक्टरों द्वारा निरीक्षण किया जाता है। अभी इस साइड में 27 जमुनापारी बकरी तथा एक हनसा जमुनापारी बकरा है। उक्त शेड में करीब 56 बकरियां रखने हेतु विभिन्न समूह के द्वारा संपर्क किया गया है जो शीघ्र ही शेड में आ जाएंगे। सैड के माध्यम से उनके ग्राम संगठन को अत्यधिक आय होगी।


 नन्दकिशोर साह जिला मिशन प्रबंधक ने बताया कि इससे बीहड़ क्षेत्र के परिवार को रोजगार मिलेगा और महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होगी। जिला मिशन प्रबंधक संतोष कुशवाहा ने कहा कि इस नस्ल की बकरी की देश के कई हिस्सों मे तथा विदेशों में भी अत्यधिक मांग है। इनकी कीमत पचास हजार से लेकर 2-3 लाख रूपए है। शेड के माध्यम से समूह की दीदियों को अतिरिक्त लाभ होगा।


 संगठन की अध्यक्ष श्रीमती रश्मि ने बताया कि उक्त जमुनापारी शेड में बकरियों का संरक्षण नियमित कुशल बकरी पालकों के द्वारा किया जाता है। ब्लॉक मिशन प्रबंधक केके चौधरी ने कहा कि क्षेत्र में जमुनापारी रूप में 3 प्रजातियां विकसित है, जिसमें मूलता जमुनापारी, तोता परी, हंसा है। एडीओ पंचायत, एडीओ आईएसबी अखिलेश यादव, ग्राम प्रधान सावित्री देवी, ग्राम विकास अधिकारी मृदुल शर्मा, ब्लॉक मिशन प्रबंधक ब्रजराज सिंह, समूह सखी शशिलता, रश्मि, शुशीला, प्रभा, नंदनी, समूह की महिलाएं उपस्थित रही।