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पुलिस के काफी समझाने के बाद आन्दोलन कारियो ने कहा हाथरस के डीएम0 एसपी0 वर्खास्त हों

लखीमपुर-खीरी: हाथरस की वाल्मीकि समाज की बेटी मनीषा के लिए न्याय के लिए आज वाल्मीकि समाज के कई सामाजिक संगठन सडकों पर आग गये। पुलिस के काफी समझाने के बाद आन्दोलन कारी बाद में नगर पालिका परिषद के प्रागढ में अपना विरोध प्रदर्शन कर सभा की नगर पालिका में अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह वाल्मीकि महादिलत परिसंघ के राष्ट्रीय महसचिव चन्दन लाल वाल्मीकि ने सभा को सम्बोधित किया। भारी फोर्स के बीच ज्ञापन उपजिलाधिकारी डा0 अरूण सिंह को दिया गया।


चन्दन लाल वाल्मीकि ने बताया कि वे पीडिता की हालत देखने 22 सितम्बर को अलीगढ के मेडिकल कालेज जाकर पीडिता और उनके परिजनों से मिला।


  वाल्मीकि समाज की वेटी कुमारी मनीषा पुत्री श्री ओम प्रकाश वाल्मीकि निवासी बूलगढी थाना जिला हाथरस के साथ गांव के ही संदीप, रामू, लवकुश, रवि ने सामूहिक दुष्कर्म कर उसकी जीब काट ली जिससे वह बोल न सके जान से मारने के लिए उसकी गर्दन तोड कर बुरी तरह घायल दिनांक 14 सितम्बर, 2020 को कर दिया था, गंभीर हालात को देख कर पीडिता का इलाज हेतु हाथरस से जवाहर लाल मेडिकल काॅलेज अलीगढ रेफर कर दिया।


अलीगढ में भी पीडिता की स्थिति में जब सुधार न हुआ तो उसे दिनांक 27 सितम्बर 2020 को सफदरगंज अस्पताल दिल्ली रैफर कर दिया। इलाज के दौरान दिनाॅंक 29 की प्रातः मनीषा का स्वर्गवास हो गया। महादलित परिसंघ के दवाव में जब मैं दिनाॅंक 22 सितम्बर, 2020 को मेडिकल कालेज अलीगढ पीडिता को देखने गया तथा उसके परिजन व क्षेत्राधिकारी/जांच अधिकारी श्री बृहम्म सिंह से मिलकर पीडिता के 164 के ब्यान कराये तब दस दिन बाद उसका मेडिकल हुआ और मृतका के बताने पर जीन और आरोपियों के नाम बढाये गये। पूरे घटना क्रम में पुलिस की घौर लापरवाही रही है।उत्तर प्रदेश सरकार ने परिसंघ की मांगों पर विचारोपरांत मुआवजा राशि दस लाख से बढा कर 25 लाख की है, एसआईटी की जांच टीम गठित की है, मृतका के भाई को कनिष्ठ लिपिक पद पर नौकरी देगी, फास्ट टैªक कोर्ट में मुकददमा की सुनवाई होगी, मृतका के परिजनों को हाथरस शहर में मकान दिया जायेगा आदि मांग मानी है।


चन्दन लाल वाल्मीकि लेकिन पुलिस प्रशासन ने परिजनों की गैर मर्जी और रात में मृतका को पेट्रोल से जला कर लोगों में गुस्सा और बढा दिया है।


 महादलित परिसंघ की मांग है कि मृतका का शव का परिवार की गैर मर्जी से पुलिस ने पेट्रोल डाल कर अन्तिम संस्कार कर दिया। परिजनों को काॅफिडेंस में बिना लिये चूंकि लडकी कुॅवारी थी उसके परिजन हिन्दु रीति रिवाज से हल्दी हादी का लेप लगा कर टिकटी(शवशैय्या) पर लेजाकर पूरी विधि विधान से अन्तिम संस्कार करना चांहते थे लेकिन पुलिस ने रात में ही बिना परिजनों की सहमति से अन्तिम संस्कार कर दिया। इससे और लोगों में आक्रोश हो गया। इसके दोषी जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक हाथरस है इन्हें वर्खास्त किया जाए। जिन पुलिस वालों ने पेट्रोल डाल कर जलाया है उनके खिलाफ भी कढी कार्यवाही की जाए प्रदर्शन में आकाश वाल्मीकि ,जितेन्द्र वाल्मीकि, सुरेन्द्र शरण, राज वाल्मीकि, मनोज , बनारसी, सरनदास पप्पू, वीरू, मोहनी वाल्मीकि, कुॅवर विकेन्स, सहित सैकडों की सख्या में लोग मौजूद रहे।