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जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष की अध्यक्षता में संविधान की प्रस्तावना का पाठन तथा भारतीय संविधान में उल्लिखित मूल कर्तव्यों के सम्बन्ध में दिलायी गयी शपथ


शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान संवैधानिक मर्यादा का पालन करेंगे


अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रावस्ती साकेत बिहारी ने न्यायिक अधिकारियों को दिलाई शापथ


श्रावस्ती। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष की अध्यक्षता में आज गुरुवार को जनपद न्यायालय परिसर में संविधान दिवस के उपलपक्ष्य में संविधान की प्रस्तावना का पाठन तथा भारतीय संविधान में उल्लिखित मूल कर्तव्यों के सम्बन्ध में न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं, उपस्थित पुलिस बल तथा नागरिकों को शपथ दिलायी गयी। तदोपरांत गोष्ठी आयोजित की गयी जिसमें न्यायिक अधिकारीण एवं कर्मचारीगण ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रावस्ती साकेत बिहारी ने समस्त न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपील की कि शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान संवैधानिक मर्यादा का पालन करेंगे।


उन्होेंने कहा कि संवैधानिक आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रध्वज व राष्ट्रीय प्रतीकों का आदर करेंगे, देश की सम्प्रभुता एवं अखण्डता की रक्षा करेंगे तथा महिलाओं का सम्मान करेंगे। वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और ज्ञानर्जन तथा सुधार की भावना का विकास करेंगे। इस अवसर पर प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयहिन्द कुमार सिंह द्वारा यह विचार व्यक्त किया गया कि आज के ही दिन भारतीय संविधान के कतिपय उपबंधों को लागू किया गया था तथा शेष उपबंधों को 26 जनवरी 1950 को प्रभावी किया गया। जो कि भारतीय संविधान भारत की सर्वोच्च विधि है। भारत में अधिनियमित अन्य समस्त विधियां भारतीय संविधान के प्रावधानों के अधीन होती हैं और आज हम इस तिथि को विधि दिवस के रूप में जानते हैं। इस अवसर पर कृपा शंकर शर्मा प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय, श्यामलाल कोरी अध्यक्ष स्थाई लोक अदालत, राकेश कुमार सिंह अपर जनपद न्यायाधीश (प्रथम), परमेश्वर प्रसाद अपर जनपद न्यायाधीश, शीतला प्रसाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रभात सिंह सिविल जज (अ0ख0), प्रफुल्ल उपाध्याय जुडिशल मजिस्ट्रेट, शुभम द्विवेदी अपर सिविल जज (प्र0ख0), असगर अली, सिविल जज (अ0ख0)/एफटीसी आदि ने अपने-अपने विचार-प्रकट किये।