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स्वयं सहायता समूह की बहनों ने गन्ना विभाग के सुपरविजन में शुरू किया बडचिप सीडलिंग का अभिनव प्रयोग 

विकास विभाग के तत्वावधान में आयोजित हुई महिला सशक्तिकरण कार्यशाला


स्वयं सहायता समूह की बहनों ने गन्ना विभाग के सुपरविजन में शुरू किया बडचिप सीडलिंग का अभिनव प्रयोग 


डीसीओ जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में कराए एक-एक स्वयं सहायता समूहों को एक्टिवेट


समूह की महिलाओं ने डीएम के समक्ष दिया बडचिप सीडलिंग का प्रस्तुतीकरण


जिले के विकास में गन्ना विभाग की अहम भूमिका : डीएम


लखीमपुर खीरी: शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव गन्ना एवं आबकारी विभाग उत्तर प्रदेश संजय भूसरेड्डी के निर्देश पर मिशन शक्ति अभियान अंतर्गत कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में गन्ना विकास विभाग लखीमपुर खीरी के तत्वावधान में महिला सशक्तिकरण कार्यशाला का आयोजन हुआ।


कार्यक्रम के आरंभ में जिला गन्ना अधिकारी बृजेश कुमार पटेल ने मिशन शक्ति अभियान अंतर्गत आयोजित महिला सशक्तिकरण कार्यशाला की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।


कार्यशाला में डीएम के समक्ष दीक्षा स्वयं सहायता समूह की विद्या रानी, बजरंगबली स्वयं सहायता समूह रुद्रपुर ईसानगर की राजकुमारी एवं प्रगतिशील स्वयं सहायता समूह जेबी गंज की गुरमीत कौर ने बडचिप सीडलिंग का सजीव प्रस्तुतीकरण दिया। उक्त तीनों समूह की महिलाओं ने इस विधा के उपयोगिता प्रासंगिकता एवं विपणन के संबंध में आवश्यक जानकारी दी।


डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि जिले की प्रगतिशील किसान एवं स्वयं सहायता समूहो की बहनों ने जिले में बडचिप सीडलिंग का अभिनव प्रयोग शुरू किया है। महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने में स्वयं सहायता समूह की महती भूमिका है। महिलाओं के बिना सशक्त समाज की परिकल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि जिले की उन्नति में गन्ने की अहम भूमिका है। स्वावलंबन के क्षेत्र में गन्ना विभाग ने निरंतर उत्कृष्ट कार्य किए हैं। 


उन्होंने कहा कि समूह की महिलाएं धरातल पर काम कर रही हैं। जिसकी हर स्तर पर प्रशंसा की जा रही है। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं समूहों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ गांव को एक नई दिशा दे रही है। उन्होंने कहा डीसीओ बीके पटेल के नेतृत्व में उनकी पूरी टीम जिले के प्रत्येक गांव में एक-एक समूह को एक्टिवेट करेगी। ताकि गांव की अन्य बहनों को भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनने का मौका मिलेगा। महिलाओं की हर क्षेत्र में सशक्त भागीदारी से देश प्रदेश एवं जिला समृद्धिशाली होगा।


डीसीओ ने बताया वर्ष 2020-21 के अंतर्गत कोविड-19 में हुए लॉकडाउन में जब आर्थिक गतिविधियां थम गई थी। तब गन्ना विभाग ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत अंतफसली बुवाई हेतु आत्मनिर्भर भारत के आवाहन पर ग्रामीण महिलाओं का स्वयं सहायता समूह गठित एवं प्रशिक्षित करा कर गन्ने की बडचिप सीडलिंग तैयार कराने का अभिनव प्रयोग जनपद में आरंभ किया। जनपद खीरी में 50 स्वयं सहायता समूहों की 530 ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार प्रदान करने हेतु विभागीय गन्ना विकास परिषद ओं के माध्यम से 02 करोड़ 67 लाख 25 हजार सीडलिंग (पौध) तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए रुपया 1.50 प्रति पौध सहायता राशि प्रदान किए जाने हेतु 04 करोड़ 08 लाख 37 हजार पांच सौ की धनराशि का बजट आवंटित हुआ। उक्त से रोग रहित गन्ना बुवाई फसल प्रबंधन पेढ़ी गन्ने में गैप फिलिंग सहफसली खेती के साथ-साथ आर्थिक उन्नयन जैसे बहुआयामी कदम एक साथ संचालित हुए। स्वयं सहायता समूह की ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए गए बडचिप सीडलिंग बाजार में 03-05 रुपया प्रति सीडलिंग किसान क्रय कर लेते हैं। इस प्रकार शरद काल में नाम वापस अंतकाल में रबी फसलों की कटाई के बाद एक माह पूर्व उगे लगभग एक फीट के गन्ना पौधे सीडलिंग (पौधे) को सीधे खेतों में रोपित कर के गन्ना कृषक प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त करते हैं।


 उन्होंने बताया कि शरद काल अक्टूबर 2020 तक लक्ष्य के सापेक्ष भौतिक 05 लाख 48 हजार सीडलिंग का वितरण पूर्ण हुआ है जिसके सापेक्ष 08 लाख 22 हजार की सहायता राशि समूहों के खातों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को भुगतान किया गया शेष प्रक्रिया में है बसंत कालीन बुवाई के समय तक सदैव 31 मार्च 2021 तक संपूर्ण लक्ष्य पूर्ण कर लिए जाने की संभावना है। 


कार्यशाला में सभी ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, जिले के 50 स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मौजूद रही।