Ticker

6/recent/ticker-posts

Advertisement

Responsive Advertisement

क्षेत्र में बना चर्चा का विषय एक ही विकास खंड में बीस वर्षों से जमें ग्राम पंचायत अधिकारी व प्रभारी एडीओ पंचायत



धौरहरा खीरी:मुख्यमंत्री का हर दावा खीरी जिले में फेल नज़र आ रहा है जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री साहब का दिशानिर्देश है कि कोई भी अधिकारी कर्मचारी तीन वर्ष से ज्यादा एक जगह नहीं रह सकता है इसके बावजूद विकास खंड धौरहरा में एक ग्राम पंचायत अधिकारी जो साथ में एडीओ पंचायत का अतिरिक्त प्रभार लिए हुए लगभग बीस वर्षों से जमे हुए हैं। आपको बता दें विकास खंड धौरहरा में ग्राम पंचायत अधिकारी राजेश वर्मा लगभग बीस वर्षों से जमें हुए हैं जब ज्यादा चर्चाओं का बाजार गर्म होने लगा तब 2007-08 में स्थानांतरण एलआईसी में कर दिया । शिकायतों का संज्ञान लेते हुए उच्च अधिकारियों ने वर्ष 2018 में इनका स्थानांतरण बांकेगंज कर दिया। किंतु ऊंची पहुंच के चलते वहां शाय़द चार्ज भी नहीं लिया। रसूख के चलते स्थानांतरण ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। यह अजब-गजब कहानी लोगों के बेचैनी डाल दी। यही नहीं विकास खंड की बड़ी बड़ी नौ ग्राम पंचायतों का जिम्मा भी अपने हाथ में लिया । इनके बीते हुए कार्यकाल की निष्पक्षता से जांच अगर हो तो सबकुछ समाने आ जाएगा लेकिन जब मेहरबानी जनपद खीरी के जिम्मेदार अधिकारियों की बनी हो तो लंबे अरसे से जमे सचिव का कैसे होगा स्थानांतरण । जांच का विषय तो बहुत दूर का है। 

सूत्र ये बताते हैं कि विकास खंड धौरहरा में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी राजेश वर्मा की राजनीतिक दलों से अच्छी पकड़ के बदौलत जिले के जिम्मेदार अधिकारी भी स्थानांतरण करने और जांच करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। अगर किसी जांच एजेंसी से जांच कराई जाएं तो बड़ा पर्दा उठ सकता है। सूत्र ये भी बताते हैं कि इन्होंने आय से अधिक संपत्ति सरकारी धन से अवैध तरीके से अर्जित की है ।