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कुशीनगर /छितौनी :रंगोली धार्मिक, सांस्कृतिक आस्थाओं की प्रतीक है:सुशील कुमार




कुशीनगर जनपद के खड्डा तहसील क्षेत्र के नवसृजित नगर पंचायत छितौनी में छितौनी इण्टर कालेज छितौनी में रंगोली भारतीय धार्मिक,सांस्कृतिक आस्था का प्रतीक है,रंगोली को आध्यात्मिक प्रक्रिया का एक महत्त्वपूर्ण अंग माना गया है। तभी तो विभिन्न हवनों एवं यज्ञों में 'वेदी' का निर्माण करते समय भी रंगोली बनाए जाते हैं। ग्रामीण अंचलों में घर-आँगन रंगोली बनाने का रिवाज आज भी विद्यमान है। भूमि-शुद्धिकरण की भावना एवं समृद्धि का आह्वान भी इसके पीछे निहित है। ये बाते छितौनी इण्टर कॉलेज,छितौनी कुशीनगर में आयोजित रंगोली और निबंध प्रतियोगिता में छात्रों द्वारा बनाये गए रंगोली के निरीक्षण उपरांत प्रधानाचार्य सुशील कुमार ने कही। सुशील कुमार में आगे कहा कि रंगोली जीवन दर्शन की प्रतीक है, जिसमें नश्वरता को जानते हुए भी पूरे जोश के साथ वर्तमान को सुमंगल के साथ जीने की कामना और श्रद्धा निरंतर रहती है। हम यह जानते हुए भी कि यह कल धुल जाएगी, जिस प्रयोजन से की जाती है, वह हो जाने की कामना ही सबसे बड़ी है। त्योहारों के अतिरिक्त घर-परिवार में अन्य कोई मांगलिक अवसरों पर या यूँ कहें कि रंगोली सजाने की कला अब सिर्फ पूजागृह तक सीमित नहीं रह गई है। स्त्रियाँ बड़े शौक एवं उत्साह से घर के हर कमरे में तथा प्रवेश द्वार पर रंगोली बनाती हैं। यह शौक स्वयं उनकी कल्पना का आधार तो है ही, नित-नवीन सृजन करने की भावना का प्रतीक भी है।

निरीक्षक मण्डल में शामिल प्रबंध समिति के कोषाध्यक्ष हरि प्रसाद गुप्ता ने छात्रों द्वारा बनाये गए रंगोली को सराहते हुए कहा कि रंगोली भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा और लोक-कला है।अलग अलग प्रदेशों में रंगोली के नाम और उसकी शैली में भिन्नता हो सकती है लेकिन इसके पीछे निहित भावना और संस्कृति में पर्याप्त समानता है। इसकी यही विशेषता इसे विविधता देती है और इसके विभिन्न आयामों को भी प्रदर्शित करती है। इसे सामान्यतः त्योहार, व्रत, पूजा, उत्सव विवाह आदि शुभ अवसरों पर सूखे और प्राकृतिक रंगों से बनाया जाता है। इनका प्रयोजन सजावट और सुमंगल है। विभिन्न अवसरों पर बनाई जाने वाली पारंपरिक कलाकृतियों के विषय अवसर के अनुकूल अलग-अलग होते हैं।

संस्था के उप प्रधानाचार्य के नेतृत्व में हुई रंगोली में 11 एव मेहंदी प्रतियोगिता में कुल 29 समूहों ने प्रतिभाग किया, निरीक्षण मण्डल में प्रधानाचार्य,कोषाध्यक्ष, उप प्रधानाचार्य के साथ शिक्षक गुलाब चंद,आदर्श तिवारी,नरेंद प्रसाद,महंथ मिश्र,विजय कुशवाहा शामिल रहे। मेहंदी प्रतियोगिता में कुमारी मीनू जायसवाल प्रथम, कुमारी रोजी खातून द्वितीय, निधि गुप्ता तृतीय स्थान प्राप्त हुवा, जबकि रंगोली प्रतियोगिता में पुष्पा कुमारी प्रथम, सोनाली गुप्ता द्वितीय तथा कुमारी प्रियंका को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में शिक्षक सत्येंद्र कुमार सिंह, नीरज कुमार लिपिक प्रमोद सिंह,जितेंद्र यादव, मानदेय शिक्षक विवेक गुप्ता, कमरुद्दीन अंसारी,प्रभात मल्ल ,दिनेश यादव,भरत यादव, श्याम सुंदर चौधरी, उपेंद्र गुप्ता,संजीव सिंह, विवेकानंद यादव, वीरेंद्र विश्वकर्मा, चाँदनी श्रीवास्तव,गुलाब गुप्ता, मुक्तिनाथ कुशवाहा,रीना देवी सहित तमाम छात्र/छात्राएं उपस्थित रहे।