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गर्भवती की मददगार बनी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना



सरवन शर्मा की विशेष रिपोर्ट..... 

गर्भवती की मददगार बनी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 

 ऑनलाइन भी कर सकते हैं आवेदन 

 87000 से अधिक का हो चुका है रजिस्ट्रेशन   

पौष्टिक आहार व स्वास्थ्य देखभाल के लिए तीन किश्तों में मिलते हैं 5000 रुपये 

प्रयागराज, 05 जनवरी 2021- कोरोना काल में आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग पर अधिक असर पड़ा है। ऐसी स्थिति में कमज़ोर वर्ग में पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना बहुत ही सहायक साबित हो रही है। इस योजना का लाभ पाने के लिए अब घर बैठे भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

अपर मुख्य चिकित्साधिकारी व आर.सी.एच. के नोडल अधिकारी डॉ. सत्येन राय ने बताया कि पहली बार गर्भवती होने वाली महिला को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल के लिए केन्द्र सरकार ने जनवरी 2017 में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य गर्भवती की स्वास्थ्य स्थिति को पोषण के माध्यम से बेहतर बनाना है। इसमें पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं को 5000 रुपये की धनराशि तीन किश्तों में सीधे उनके खाते में दी जाती है। गर्भवती का पंजीकरण कराने पर 1000 रू. पहली किश्त इसके बाद प्रसवपूर्व कम से कम एक जाँच करवाने पर गर्भावस्था के छः माह पर 2000 रू. दूसरी किश्त और प्रसव पश्चात् बच्चे का पंजीकरण होने व प्रथम चक्र का टीकाकरण हो जाने पर 2000 रू. की तीसरी किश्त दी जाती है। 

डिस्ट्रिक्ट कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (डी.सी.पी.एम.) अशफ़ाक अहमद ने बताया कि पात्र महिलाएं अपने गाँव की नजदीकी आशा से संपर्क कर योजना का लाभ ले सकती हैं। योजना का फार्म अपने क्षेत्र की आशा व ए.एन.एम. के माध्यम से भी भरा जा सकता है। इस योजना में नवम्बर 2020 तक 87000 से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। अब यह सुविधा ऑनलाइन भी उपलब्ध है। इसके लिए घर से ही www.pmmvy-cas.nic.in पर आवेदन कर सकते हैं। पात्र लाभार्थी गर्भावस्था से लेकर प्रसव उपरान्त तक आशा के संपर्क में रहे। 

क्या है पात्रता- पहली बार गर्भवती होने वाली महिला की उम्र 19 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिये। महिला सरकारी कर्मचारी न हो। सभी भुगतान महिला के खाते में ही किये जाते है, खाता आधार से लिंक होना चाहिए।

धनुपुर के ग्राम रेहथू की शीला देवी और ग्राम कुकुहा की रहने वाली प्रीती ने बताया कि उन्हें इस योजना का लाभ मिल रहा है और प्रसव के बाद तक दो किश्तें उनके खाते में आ चुकी हैं। इससे उनको अपने स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल में बहुत मदद मिली।  

किसी को न दें ओ.टी.पी. व खाते की जानकारी- लाभार्थी किसी भी व्यक्ति को ओ.टी.पी.(वन टाइम पासवर्ड), अकाउंट नंबर या सी.वी.वी.पिन की जानकारी न दें। पी.एम.एम.वी.वाई. का कोई भी प्रतिनिधि आपसे यह जानकारी नहीं मांगता है। राज्य स्तर पर हेल्पलाइन नं. 7998799804 जारी किया गया है जिस पर कॉल करके सीधे योजना के बारे में जानकारी ले सकते है और कोई समस्या होने पर उसका समाधान भी लिया जा सकता है।