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रूपईडीहा से बाराबंकी टू-लेन हाईवे को फोरलेन में बदलने का तैयारी, 152 किलोमीटर की है दूरी, दो अरब रुपये का बजट है प्रस्तावित


 


रूपईडीहा-बहराइच| नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने विगत वर्षो पहले इंडो नेपाल बॉर्डर रुपईडीहा से लगाकर बाराबंकी तक 152 किलोमीटर रोड का निर्माण किया था जिसमें कुछ ही जगहों पर फोर लेन बनाई गई थी ।


अब रुपईडीहा से बाराबंकी तक 152 किलोमीटर टू-लेन हाईवे को फोरलेन में बदलने का फैसला केंद्र सरकार ने किया है ।


सामरिक-आर्थिक मूल्यों को देखते हुए केंद्र सरकार ने भी राजधानी से नेपाल को सीधे जोड़ने वाले टू-लेन हाईवे को फोरलेन में बदलने का फैसला लिया है। फोरलेन निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण का खाका खींच लिया गया है। प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। प्रस्ताव पर मुहर लगते ही जमीन अधिग्रहण का कार्य शुरू हो जाएगा। हाईवे का निर्माण एनएचएआई ही कराएगी। इस पर लगभग दो अरब रुपये का बजट प्रस्तावित है। बाराबंकी से रुपईडीहा नेपाल बार्डर की दूरी लगभग 152 किलेामीटर है। हाल ही में व्यापारिक, सामरिक उपयोगिता को देखते हुए टू-लेन हाईवे का निर्माण कराया गया था, ताकि आयात-निर्यात को गति देने में बदहाल सड़क रोड़ा न बने। ऐसे में केंद्र सरकार ने टू- लेन हाईवे को फोरलेन में तब्दील करने का फैसला किया है। एनएचएआई की ओर से हाईवे निर्माण के मसौदे को अंतिम रूप दे दिया गया है। फोरलेन होने पर लगभग 103 ग्राम पंचायतें दायरे में आएंगी। इन ग्राम पंचायतों की जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। जमीन अधिग्रहण का भी प्रस्ताव तैयार हो गया है। अधिग्रहण का बजट मंजूर होने के बाद जमीन खाली कराने की प्रक्रिया के साथ ही हाईवे चौड़ीकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। जमीन का मालिकाना हक रखने वाले ग्रामीणों को मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए भी प्रशासन स्तर पर मुआवजे के लिए जरूरी बजट का प्रस्ताव तैयार किया गया है, ताकि अधिग्रहण के साथ ही मुआवजे की रकम खातों में तत्काल भुगतान किया जा सके।


एनएचएआई के रेजिडेंट इंजीनियर प्रमोद यादव ने बताया कि नेशनल हाईवे 927 रुपईडीहा से बाराबंकी तक 152 किलोमीटर टू-लेन हाईवे को फोरलेन में बदलने का फैसला केंद्र सरकार ने किया है ।


जल्दी जमीन अधिग्रहण करके टू-लेन को फोरलेन रोड किया जाएगा।


 


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