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अन्नदाताओं ने सड़क पर महापंचायत कर सरकार के नीतियों का किया विरोध प्रदर्शन 


 


भिनगा-श्रावस्ती। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में शुक्रवार को किसानों ने भिनगा-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर महापंचायत बुलाकर, तीन घण्टे तक जोरदार नारेबाजी के साथ धरना प्रदर्शन किया। किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लम्बी कतारें लगी रही। जिससे बहराइच-भिनगा आने वाले वाहनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। किसानों के धरने पर बैठे होने की सूचना मिलते हीं भारी पुलिस बल समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए


इस दौरान किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी भिनगा को सौंपा। ज्ञापन में किसान यूनियन के अध्यक्ष रामस्वरूप वर्मा ने लिखा है कि भारत सरकार किसानों का उत्पीड़न कर रही है। सरकार ने किसानों की आवाज दबाने के लिए तीन नए कानून लेकर आयी हैं। जो किसान विरोधी है, जिसे वापस लिया जाए। भारतीय किसान यूनियन के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष सहित गिरफ्तार किए गए सभी किसानों को तुरन्त रिहा किया जाए। प्रदेश में बढ़ाए गए बिजली बिल को तुरन्त वापस लिया जाए। पराली जलाने पर गिरफ्तार किसानों को रिहा कर मुकदमा वापस लिया जाए। एक नया अध्यादेश न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी की गारंटी की जाए। अनाज सब्जी खरीदने वाली कम्पनियों को एमएसपी से कम दाम पर खरीदने पर अपराध माना जाए। धान क्रय केन्द्र भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े हुए हैं, किसान अपनी उपज बेचने के लिए परेशान हैं। प्रदर्शन के दौरान संगठन के मंडलाध्यक्ष विनोद सोनी, कैलास नाथ शुक्ला, जुगल किशोर समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।