Ticker

6/recent/ticker-posts

Advertisement

Responsive Advertisement

नवम्बर माह के अन्त तक रायल्टी जमा कर दें ईट भट्ठा संचालक, ईट भट्ठा मजदूरों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास करें भट्ठा मालिक:जिलाधिकारी 


श्रावस्ती। जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में शुक्रवार को ईट भट्ठा संचालकों के साथ एक बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व वसूली से ही सरकार द्वारा अनेक जन कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जाता है। इसलिए जिले के सम्बंधित ईट भट्ठा संचालक जो अभी तक रॉयल्टी नही जमा किये हैं, वें नवम्बर माह के आखिरी तक रायल्टी जमा कराना सुनिश्चित करे। संज्ञान में यह भी आया है कि कुछ ऐसे ईट भट्टा संचालक है, जो प्रदूषण नियंत्रण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए बिना ईट भट्ठा का संचालन कर रहे हैं। जो नियम के विपरीत है यदि एक सप्ताह के अंदर भट्ठा संचालक द्वारा संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र नही लिया गया तो ऐसे भट्ठों को सूचीबद्ध कर उनके संचालन पर रोक लगा दी जाएगी।


साथ हीं जिलाधिकारी ने भट्ठा संचालकों से कहा कि उनके भट्ठे पर काम करने वाले मजदूर चाहे वो इस जनपद के हो या कही अन्य प्रान्त से आये हों, उनको अपने परिवार के तरह ही भट्ठों पर सभी आवश्यक सुविधाएं दी जाए। यँहा तक की उनका समय समय पर स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाए और स्वास्थ परीक्षण के दौरान यदि कोई भी मजदूर अस्वस्थ मिलता है तो उनके इलाज की समुचित व्यवस्था के साथ-साथ उनके बच्चो को भी शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रयास किये जाएं। जिससे भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चे भी पढ़ लिख सकें। जो महिला मजदूर भट्ठा पर आशियाना बनाकर रह रही हैं उनकी सुरक्षा के मद्देनजर उनके आशियाने एवं उनके आसपास समुचित प्रकाश का प्रबंध किया जाए। साथ हीं भट्ठों पर काम करने वाली महिलाओं की सूची बनाकर सुरक्षा के मद्देनजर सम्बन्धित थानों को जानकारी दी जाए। जिन्हे सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति योजना से जोड़ा जा सके और उनके बीच जाकर उन्हें महिला सशक्तिकरण के सम्बन्ध में जागरूक किया जा सके।


इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अरविन्द कुमार मौर्या ने कहा कि जो महिला मजदूर ईट भट्ठों पर काम करती है उनके सुरक्षा की जिम्मेदारी भट्ठा संचालको की है इसलिए उन्हें अपने परिवार की तरह ही सुरक्षा प्रदान करे।