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पिंटू सेंगर मर्डर केस के सप्लीमेंट्री चार्जशीट में बार के मंत्री का नाम, कानपुर बार एसोसिएशन के मंत्री का चुनाव जीते हैं अरिदमन सिंह


पिंटू सेंगर मर्डर केस के सप्लीमेंट्री चार्जशीट में बार के मंत्री का नाम


कानपुर बार एसोसिएशन के मंत्री का चुनाव जीते हैं अरिदमन सिंह


 दीनू उपाध्याय का भी नाम सप्लीमेंट्री चार्जशीट में शामिल


अब बढ़ सकती है अधिवक्ता अरिदमन सिंह की मुसीबतें


ब्यूरो कार्यालय (कानपुर):बसपा नेता और हिस्ट्रीशीटर नरेंद्र सिंह (पिंटू सेंगर) के मर्डर केस में अदालत में दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट में इस बार फिर नया धमाका हुआ है। कानपुर बार एसोसिएशन के मंत्री अरिदमन सिंह और उनके साथी अधिवक्ता दीनू उपाध्याय का नाम पुलिस ने एक बार फिर से जांच में शामिल कर लिया है। बार एसोसिएशन के मंत्री की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एक आरोपी की कुछ दिन पहले जेल के अंदर दिल का दौरा पड़ने से मौत हो चुकी है। 


पिंटू सेंगर मर्डर केस में पुलिस ने 16 लोगों को जेल भेजा है। एक आरोपित तौसीफ उर्फ कक्कू की जेल में मौत हो चुकी है। एक अक्टूबर को पुलिस ने जो चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी, उसमें महफूज अख्तर, बार एसोसिएशन के मंत्री अरिदमन सिंह, उनके अधिवक्ता साथी दीनू उपाध्याय के नाम हटा दिया था। साक्ष्य न मिलने की वजह से इन्हेंं क्लीन चिट दे दी गई थी। इसके अलावा पुलिस ने जेल में बंद मनोज गुप्ता और वीरेंद्र पाल को भी बेकसूर बताते हुए इनका नाम निकालने के लिए अदालत से अनुरोध किया था, जिसे अदालत ने अस्वीकार कर दिया था। सू़त्रों की मानें तो सबकुछ एक बड़े अफसर के दबाव में चकेरी पुलिस ने हत्याकांड की चार्जशीट में बड़ा "खेल" कर दियाथा। महफूज, मनोज और वीरेंद्र पाल के नाम निकाले जाने पर पिंटू सेंगर के परिजनों की पैरवी के बाद मीडिया में चकेरी पुलिस की खूब फजीहत हुई। मामला एडीजी (कानपुर जोन) के पास पहुंचा तो उनके तल्ला तेवर देख मातहतों ने डैमेज को कंट्रोल करना शुरू किया।


एडीजी जय नरायन सिंह के आदेश पर दोबारा जांच शुरू हुई। महफूज अख्तर को अदालत में सरेंडर करना पड़ा। पुलिस ने दो दिन पहले अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट में महफूज अख्तर, सऊद अख्तर, मनोज गुप्ता और वीरेंद्र पाल के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं और सबसे चौकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने कानपुर बार एसोसिएशन के मंत्री अरिदमन सिंह और अधिवक्ता दीनू उपाध्याय का नाम दोबारा से जांच में शामिल कर लिया है।


गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड के मुख्य आरोपित पप्पू स्मार्ट ने अपने बयान में सुपारी के दो लाख रुपये शुभानअल्ला द्वारा देने की बात कही गई थी। बावजूद इसके पुलिस ने शुभानअल्ला का नाम हटा दिया था। सप्लीमेंट्री चार्जशीट में शुभानअल्ला को भी जांच के दायरे में कहा गया है।


क्षेत्राधिकारी कैंट सत्यजीत गुप्ता का कहना है कि एडवोकेट अरिदमन सिंह और दीनू उपाध्याय को क्लीन चिट नहीं दी गई है। दोनों के खिलाफ जांच अभी प्रचलित है। नये तथ्यों के आधार पर विवेचक ने इनके नाम सप्लीेंमेंट्री चार्जशीट में शामिल किया गया है।