विकास दुबे के पिता, पत्नी समेत 22 पर एफआइआर, पुलिस ने फर्जी कागजातों पर सिम और लाइसेंस लेने के मामले में की कार्रवाई

विकास दुबे के पिता, पत्नी समेत 22 पर एफआइआर, पुलिस ने फर्जी कागजातों पर सिम और लाइसेंस लेने के मामले में की कार्रवाई


विकास दुबे के पिता, पत्नी समेत 22 पर एफआइआर


पुलिस ने फर्जी कागजातों पर सिम और लाइसेंस लेने के मामले में की कार्रवाई


कानपुर के तीन अलग-अलग थानों में कुल 22 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज


विकास के खजांची रहे गैंगस्टर जय बाजपेयी पर भी मुकदमा पंजीकृत


ब्यूरो कार्यालय (कानपुर):बहुचर्चित बिकरू कांड में एसआइटी टीम की तरफ से जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद शासन और प्रशासन लगातार विकास दुबे के गुर्गों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। एनकाउंटर में मारे जा चुके गैंगस्टर विकास दुबे के बुजुर्ग पिता, पत्नी और भाई समेत कुल 22 लोगों के खिलाफ कानपुर के तीन थानों में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। सभी पर फर्जी अभिलेखों से सिम खरीदने और शस्त्र लाइसेंस लेने का संगीन आरोप है।


2/3 जुलाई 2020 की रात्रि कानपुर के चौबेपुर थाना एरिया स्थित बिकरू गांव में दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर गैंगस्टर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने घात पर लगाकर हमला किया था। फायरिंग में सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत 8 पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। इस कांड के बाद पुलिस और एसटीएफ ने विकास दुबे और उसके पांच साथियों को अलग-अलग जगहों पर मुठभेड़ के बाद मार गिराया था। यूपी सरकार ने मामले की एसआइटी जांच भी करवाई। कुछ दिन पहले एसआइटी की टीम ने जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी।


एसआइटी टीम की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने विकास दुबे के पिता, उसकी पत्नी ऋचा दुबे, विकास दुबे के भाई और विकास दुबे के खजांची रहे गैंगस्टर जय बाजपेई के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया है। चौबेपुर थाना में विकास की पत्नी सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। चौबेपुर में 22 लोगों के खिलाफ फर्जी आईडी पर मोबाइल सिम लेने के साथ ही फर्जी शपथ पत्र से शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले में केस दर्ज कराया गया है। इस केस में विकास दुबे की पत्नी के खिलाफ पहला केस दर्ज किया गया है।


चौबेपुर के बिकरू कांड को लेकर गठित एसआइटी की संस्तुतियों के तहत चौबेपुर, बजरिया और नजीराबाद थाने में झूठा शपथ पत्र लगा शस्त्र लाइसेंस व पासपोर्ट हासिल करने, फर्जी नाम से सिम का प्रयोग करने पर मुकदमे दर्ज हुए। शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में दस, फर्जी सिम में नौ और पासपोर्ट में एक को आरोपित बनाया गया है।


इस केस में एसआइटी की जांच में सामने आया कि विकास दुबे और खजांची जय बाजपेयी समेत कई सहयोगियों ने गलत शपथपत्र लगा शस्त्र लाइसेंस हासिल किए। जय ने झूठे दस्तावेजों के सहारे पासपोर्ट बनवाया। चौबेपुर में शस्त्र लाइसेंस के नौ व फर्जी नाम से सिम प्रयोग के नौ आरोपितों पर मुकदमा हुआ। बजरिया थाने में जय के खिलाफ शस्त्र लाइसेंस व नजीराबाद में पासपोर्ट मामले में मुकदमा दर्ज हुआ।


 


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ