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कश्मीर से कन्याकुमारी तक लोगों को राम मंदिर से जोड़ने का चलेगा अभियान



अयोध्या। देश की सर्वोच्च अदालत की ओर से अयोध्या विवाद में जमीन के मालिकाना हक का फैसला विराजमान रामलला को दिए जाने और सुप्रीम फैसले के आधार पर केंद्र सरकार की ओर से राम मंदिर के निर्माण और देखरेख के लिए गठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण की कवायद में जुटा है। राम जन्म भूमि के लिए निर्णायक आंदोलन चलाने वाले विश्व हिंदू परिषद समेत आनुषंगिक संगठनों को कश्मीर से कन्याकुमारी तक लोगों को राम मंदिर के इतिहास और विकास से जोड़ने के लिए जिम्मेदारी दी गई है। मकर संक्रांति से माघी पूर्णिमा तक विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में अभियान चलाकर देश के 500000 गांव में धार्मिक आयोजन किया जाएगा तथा देश के 11 करोड़ परिवारों से राम मंदिर के लिए सहयोग लिया जाएगा। जन्म भूमि पर राम मंदिर निर्माण में आमजन से सहयोग हासिल करने और सभी को राम कथा उनके मंदिर से जोड़ने के लिए कूपन और रसीद छपाई गई है। घर-घर तक मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के चित्र को पहुंचाने की कार्य योजना है। जिसको लेकर क्षेत्रवार बैठकों का दौर जारी है इसके साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों के लिए टोलियां गठित की जा रही हैं।

सोमवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व वरिष्ठ पदाधिकारी चंपत राय ने बताया कि कार्यकर्ता आम जन को श्री राम जन्म भूमि मंदिर की ऐतिहासिक सच्चाई से अवगत कराने के लिए देश के प्रत्येक राज्य के कोने कोने में घर-घर जाकर संपर्क करेंगे। राम मंदिर की ऐतिहासिक सच्चाई से पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, अंडमान निकोबार, रण कच्छ, त्रिपुरा समेत पूरे देश के लोगों को रूबरू कराया जाएगा। इस दौरान गांव और मोहल्लों में लोग राम मंदिर निर्माण में सहयोग के लिए स्वेच्छा से कुछ न कुछ निधि समर्पण करेंगे। इस समर्पण निधि के संचय में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 10 रुपये,100 रुपए व 1000 रुपये के कूपन व रसीद बनाए गए हैं। जनसंपर्क का कार्य मकर संक्रांति से प्रारंभ होकर माघी पूर्णिमा तक चलेगा।