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प्यार, इजहार, तकरार और शादी के बाद युवती की हत्या, घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहा है सवाल



श्रावस्ती। प्यार, इजहार, तकरार, शादी और फिर पत्नी की हत्या?

शायद कुछ ऐसा हीं है नेपाल के जंगल में मिली भारतीय महिला के शव का मामला। जानकारी के अनुसार सिरसिया थाना क्षेत्र के कटकुईयां निवासिनी राबिया खान पुत्री जुम्मन की शादी लगभग दस साल पहले सिरसिया थाना क्षेत्र के हीं शिवगढ़ कलां निवासी बाबू से हुई थी और पांच साल पहले 2015 में गौना हुआ था। शादी के कुछ हीं दिनों बाद पति बाबू रोजी-रोटी की तलाश में राबिया को लेकर मुम्बई चला गया। जहां पर एक किराए के मकान में दोनों रहने लगे। इस दौरान बाबू मजदूरी करता तो राबिया एक कम्पनी में सिलाई का काम करने लगी। कुछ दिनों बाद बाबू गम्भीर बीमारी की चपेट में आ गया। ऐसे में राबिया के ऊपर पति के इलाज से लेकर घर के खर्च तक की पूरी जिम्मेदारी आ गई। मुम्बई में हीं राबिया के कमरे के पास रह रहे शमीम पुत्र मैकू निवासी भरथा रोशनगढ़ थाना मल्हीपुर जनपद श्रावस्ती से उसकी जान पहचान हो गई। दोनों मूल रूप से श्रावस्ती जिले से होने के कारण आपस मे नजदीकियां बढ़ती चली गई। इसी बीच राबिया के पति बाबू की हालत ज्यादा खराब हो गई। जिसे लेकर वह अपने गांव आ गई। जहां पर कुछ दिनों बाद पति बाबू की मौत हो गई। इसी बीच शमीम भी मुम्बई से अपने गांव वापस गया। दोनों का गांव भी आसपास तथा एक दूसरे के गांव में रिश्तेदारी होने के कारण मेल मिलाप जारी रहा। पति की मौत के बाद राबिया और शमीम के बीच नजदीकियां लगातर बढ़ती हीं गई, जो देखते हीं देखते प्यार में बदल गई। प्यार का इजहार और जन्मों-जन्मों तक साथ रहने का वादा होते हीं, राबिया को लेकर शमीम मुम्बई भाग गया। मुम्बई पहुंच कर दोनों ने अपने प्यार के बारे में परिजनों को सारी बातें बता दी। जिसपर राबिया के घर वालों ने दोनों की शादी पर सहमति जताते हुए वापस गांव बुला लिया। गांव पहुंच कर भी राबिया और शमीम एक दूसरे से मिलते रहे। कुछ दिनों बाद 2019 में जब राबिया के घर वालों ने शमीम से शादी की तारीख तय करने की बात कही, तो शमीम शादी करने से इन्कार कर दिया। जिसको लेकर दोनों पक्षों में खूब तकरार भी हुआ। जिससे आहत राबिया ने पुलिस को तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस को सक्रिय होते देख शमीम ने आनन फानन में बहराइच के दरगाह शरीफ में राबिया से शादी करके कानूनी कार्यवाही से बच निकला। शादी के बाद दोनों का अनजाना फिर शुरु हो गया। मगर इस दौरान दोनों का ज्यादातर समय राबिया के मायके में हीं बीता। बीते तीस नवम्बर को नेपाल के जंगल में स्थित पन्नहवा बाबा के मजार पर कुछ मन्नत मांगने की बात कहकर राबिया को शमीम बुला ले गया। इसके बाद मायके वालों का राबिया से सम्पर्क टूट गया। मायके वाले जब शमीम को फोन कर राबिया से बात कराने को कहते तो समीम टाल जाता था। इसके बाद शमीम का भी मोबाइल बन्द हो गया। ऐसे में राबिया के परिजनों ने किसी अनहोनी की आशंका व्यक्त करते हुए आठ दिसम्बर को मल्हीपुर थाना के असनहरिया पुलिस चौकी तथा पन्द्रह दिसम्बर को तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देकर कार्यवाही की मांग की थी। मगर पुलिस इस मामले में कार्यवाही करना तो दूर, गुमशुदगी तक दर्ज करना मुनासिब नहीं समझा। पुलिस को निष्क्रिय देख परिजन खुद राबिया की तलाश में जुट गए। मगर कहीं कोई पता नहीं चल सका। ऐसे में 21 दिसम्बर को परिजनों ने नेपाल स्थित पन्नहवा बाबा के स्थान पर राबिया की तलाश करने निकल गए। जहां पर 22 दिसम्बर को तलाश के दौरान चरवाहों द्वारा थोड़ी दूर पर एक अज्ञात महिला की लाश पड़ी होने की बात बताई गई। मौके पर पहुंचे राबिया के परिजनों ने देखा कि एक महिला की लाश पड़ी हुई है, जिसकी निर्ममता पूर्वक हत्या कर जलाई गई है। हालांकि कपड़े से राबिया के रुप में शव की पहचान करके परिजनों ने नेपाल पुलिस को सूचना दी। परिजनों की सूचना पर नेपाल राष्ट्र के बांके जिला अन्तर्गत गोरखाली थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम करवाकर, विधिक कार्यवाही के बाद परिजनों को सौंप दिया। राबिया के परिजनों ने 23 दिसम्बर को शव अपने गांव लाकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग करने लगे। जिसपर पुलिस ने घटना स्थल नेपाल होने का हवाला देकर कार्यवाही से इन्कार कर दिया। जिससे नाराज परिजनों ने 23 दिसम्बर को शव का अन्तिम संस्कार नहीं किया। 24 दिसम्बर को पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नेपाल से पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उसी के आधार पर कार्यवाही के आश्वासन के बाद परिजनों ने राबिया का अन्तिम संस्कार कर दिया है।

तो प्यार और इजहार के साथ जन्मो-जन्मो तक साथ रहने के वादे से शुरु हुई यह कहानी तकरार के बाद धोखे वाली शादी और हत्या के साथ हीं खत्म नहीं होती है। इस कहानी ने लगा दिया है पति-पत्नी के रिश्तों, प्यार की पवित्रता, मानव की मानवता और पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान?