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पीपल की फेरिया लगाकर सुहागिनों ने पति के दीर्घायु की कामना किया



रामनगर बाराबंकी:सोमवती अमावस्या पर विधि विधान के साथ हिंदू महिलाओं ने पीपल केवृक्ष की फेरिया लगाकर पति की लंबी उम्र की कामना की । बताते चलें कि क्षेत्र की सुहागिन महिलाओं द्वारा इस दिन अपने पतियों के दीर्घायु कामना के लिए मौन व्रत रखा। पीपल के पूजन से अक्षय पुण्य, लाभ तथा सौभाग्य की वृद्धि के लिए पूजन अर्चन किया। विवाहित स्त्रियों द्वारा पीपल के वृक्ष की दूध,जल, पुष्प, अक्षत, चन्दन इत्यादि से पूजा और वृक्ष के चारों ओर 108 बार धागा लपेट कर परिक्रमा की गई। प्रत्येक परिक्रमा में कोई भी एक मिठाई,फल या मेवा चढ़ा कर पूरी किया। प्रदक्षिणा के समय 108 फल अलग रखकर समापन के समय वे सभी वस्तुएं ब्राह्मणों और निर्धनों को दान दिया। इस संदर्भ में पंडित विमल कुमार शास्त्री ने बताया कि इस प्रक्रिया को कमसे कम तीन सोमवती अमावस्या तक करने से सभी समस्याओं से मुक्ति मिलती है। इस प्रक्रिया से पितृ दोष का भी निश्चित ही समधान होता है।इस दिन जो स्त्री तुलसी व माता पार्वती पर सिन्दूर चढ़ाकर अपनी माँग में लगाती है वह अखण्ड सौभाग्यवती बनीरहती है । आज के दिन महिलाएँ कपड़ा, गहना, बरतन, अनाज अथवा कोई भी खाने की वस्तु वस्तुयें दान कर सकती है जिससे उनके जीवन में शुभता आती है,समाज में उनके परिवारका नाम होता है, यश मिलता है ।जिन जातकों की जन्मपत्रिका में घातक कालसर्प दोष है, वेलोग यदि सोमवती अमावस्या पर चांदी के बने नाग-नागिन की विधिवत पूजा करके उन्हे नदीं में प्रवाहित कर दें, भगवान भोले भण्डारी पर कच्चा दूध चढ़ायें, पीपल पर मीठा जल चढ़ाकर उसकी परिक्रमा करें, धूप दीप जलाएं, ब्रह्मणो को यथा शक्ति दान दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद ग्रहण करें तो उन्हें निश्चित ही कालसर्प दोष से छुटकारा मिलेगा।