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साहब शहर में नहीं होती सफाई , सफाई कर्मी खुद हैं इसके जिम्मेदार



कासगंज । जनपद कासगंज के शहर कासगंज में गंदगी के अम्बार बने रिहायसी इलाके जो नगर पालिका की नाकामियाबी की दासतां कह रहे हैं | जगह – जगह लगे गन्दगी और नालियों से निकल घरों में घुसता पानी जो नगर पालिका सीमा में होते हुए भी नजरअंदाज किये जाते है जबकि शहर की आबादी का बड़ा हिस्सा वहां रहता है | वावजूद इसके बार बार शिकायतों के बाद भी किसी जिम्मेदार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती | 

     ऐसी ही कहानी अपनी ज़ुबानी कहते हैं गंगेश्वर कालोनी और लवकुश नगर के वाशिंदे | जहाँ एक और गंगेश्वर कालोनी में रोडवेज बस स्टेंड के पीछे बेंगी वाले बाबा की समाधी के पास इसका जीता जागता उदाहरण मिल जायेगा | जहाँ कुत्ते ,सूअर और अन्य आवारा जानवर देखने को मिल जाएँगे | कुछ समय इसी जगह पर एक छोटी बच्ची को सुवरो द्वारा गंभीर रूप से घायल करने का मामला सामने आया था इतना ही नहीं जनपद में कई इलाके ऐसी ही स्थिती में मिल जायेंगे जहाँ के लोगों को शिकायतों के बाद भी कोई रहत नहीं | कुछ लोगों का कहना यह तक है कि यहाँ नगर पालिका कर्मी खुद ही इधर उधर से गंदगी इकट्ठी कर यहाँ डालते है जिससे हवा दूषित रहती है जिससे वहां के लोगों को इसका दंश झेलना पड़ता है और बुजुर्गों और अस्थमा मरीजों का वहां रहना असंभव होता है | 

    अब सोचना यह है कि जब जिम्मेदार नगर पालिका ही आँख मूद बैठी है तो किसी और से आशा ही क्या। 


क्या कहते हैं शहर के सभ्रांत लोग-

एड० भूप सिंह –दर्जनों बार लिखित और मौखिक शिकायत देने के बाद भी कोई फर्क नहीं स्थती ज्यों की त्यों बनी हुई है | 

अनुज कुमार – अक्सर गली जल मग्न हो जाती हैं लेकिन शिकायत के वावजूद कोई फर्क नहीं है | कभी कभी घरों में पानी घुस जाता है | 

सोनू ठाकुर – नगर पालिका सफाई कर्मी खुद ही जगह जगह से गंदगी इकट्ठी करके लाते हैं और यहाँ डालते हैं जिसको लेकर कई बार शिकायते और झगडे हो चुके हैं |

अध्यापिका आकांक्षा दुवे – जहाँ सरकार कोरोना काल में साफ़ सफाई पर जोर दे रही है वहीं नगर पालिका का इस और बहुत गैर जिम्मेदाराना रवैया है |