Ticker

6/recent/ticker-posts

Advertisement

Responsive Advertisement

नगर पालिका के खिलाफ उठी आवाज , सभासदों और कर्मियों के अपनी मांगों को लेकर निकाला जुलूस



कासगंज | आज जनपद के शहर कासगंज में सभासदों और कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका अध्यक्ष और की कार्यशैली पर सवाल उठाये हैं और अधिशासी अधिकारी से अपनी आठ सवालों का तीन दिनों में जबाब माँगा है | समस्त सभासदो ने नदरई गेट कम्युनिटी हाल से नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ मौन जुलूस निकाला तथा निर्णय लिया गया कि 8 सूत्रीय ज्ञापन का हमे 3दिन के अंदर लिखित जबाब नही मिला तो पुनः जुलूस एवं धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे विरोध करने वालो मे नमित सभासद संजय पुंढीर,अभषेक माहेश्वरी, नेत्रपाल मंत्री,मनोज डीवीसी, दुर्गेश माहेश्वरी,अमित राजपूत,द्वारकाप्रसाद,हिरदेश पांडे, नीतिन साहू, कालीचरण यादव,दर्शन देवी,अनुराग बिंदल,दिनेश यादब,सैयदा बानो,अमित वर्मा,अभिषेक गौरी, नरेंद्र पालीवाल,अंजली ,विरमा देवी,संजीत सिंह, सुनील कुमार, मनमोहन पलतानी थे ।


पूछे गए आठ सवाल - पालिका में प्रतिमाह बोर्ड की बैठक होनी चाहिए ,एक जनवरी 2018 से 8 दिसबंर 2020 तक नगर पालिका के आय तथा व्यय का व्योरा दें , 22 मार्च 2020 से प्रारंभ हुए कोविड 19 महामारी के अंतर्गत शहर के लोगो को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से शाशन द्वारा कितनी धनराशि अबमुक्त कराई इस धनराशि कहाँ किया गया पूर्ण विवरण दें , वर्ष 2018 में पालिका द्वारा सहावर गेट व मालगोदाम रोड पर रेलवे की परिधि में शौचालय का निर्माण कराया गया इन दोनों शौचालय को रेलवे ने ध्वस्त कर दिया इसमें क्या करवाई हुई जबकि शौचालय सम्बंधित ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया है इसका स्पस्टीकरण प्रस्तुत करें ,पालिका में दो वर्ष पूर्व यूनिपोल लगाए गए थे यूनिपोल लगाने में कितनी धनराशि खर्च हुई तथा यूनिपोल से 2 वर्ष में पालिका को कितनी अमंदनी हो चुकी है जानकारी दें , नगर पालिका मे 20 सफाई नायक तैनात किए गए हैं जो अपने पद पर कार्यगत है इन सफाई नायकों को किस अधिनियम के अंतर्गत तैनात किया गया इस नियुक्त में नगर पालिका की क्या प्रक्रिया रही , नगर पालिका मे 2 बंदूक धारी तैनात हैं जिनका वेतन लगभग 60 हजार रुपए है ये बंदूक धारी नगर पालिका में किसकी सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं , तथा इन्हें रखने का कोई प्रावधान है तो स्पष्ट करें , सेवा निवृत्त लेखाकार महेश चंद्र वर्मा को तत्काल हटाया जाए तथा नगर पालिका में शिला पट्टिकाओं पर जो प्रतिनिधि का नाम लिखा गया है उसे भी हटाया जाए ।