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वन अधिकार अधिनियम एवं पेसा कानून हेतु कार्यशाला सह प्रशिक्षण का हुआ आयोजन, जिला पंचायत अध्यक्ष ने कार्यशाला का किया शुभारंभ



आज जिला पंचायत कोण्डागांव के सभाकक्ष में संचालक आदिम जाति कल्याण विभाग अनुसंधान तथा प्रशिक्षण संस्थान के तत्वाधान में कार्यशाला सह प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला सह प्रशिक्षण का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष देवचंद मातलाम के द्वारा किया गया। इस प्रशिक्षण में विभिन्न ग्राम पंचाायतों के संरपंच, जनजातीय प्रतिनिधि, वन विभाग एवं पंचायत विभाग के अधिकारी कर्मचारी सम्मिलित हुए। जहां उन्हें वन अधिकार अधिनियम 2006, सामुदायिक वन अधिकार, पेसा अधिनियम एवं अनुसूचित क्षेत्रों में भूमि क्रय-विक्रय की भू-राजस्व संहिता अधिनियम 1959 के अधीन, धारा 170 ‘क‘ एवं ‘ख‘ के संबंध में विभिन्न प्रावधानों का विस्तारपूर्वक चर्चा किया गया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष देवचंद मातलाम ने कहा कि जनजाति समुदाय के अधिकारों की जानकारियां कार्यशाला प्रशिक्षकों देकर शासन का यह प्रयास है कि अनुसूचित जनजाति के लोगों में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता लायी जा सके। जनजातीय समाज के उत्थान के लिए आवश्यक है कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो तथा अधिकारों का प्रयोग कर उच्चतम विकास की ओर अग्रसर हांे। प्रशिक्षण में उपस्थित उप संचालक आदिम जाति अनुसंधान संस्थान जीआर शोरी ने कहा कि वनाधिकार पट्टा, पेसा कानून और धारा 170 ‘क‘ एवं ‘ख‘ की जानकारियां बहुत आवश्यक है। इसके प्रावधानों को समझना और जागरूक होना आदिवासियों के हित में है। इस कार्यशाला में वन अधिकार कानून 2006 का इतिहास एवं परिभाषा वन अधिकार अधिनियम की क्रियान्वयन में संस्थागत व्यवस्था, सामुदायिक अधिकार एवं सामुदायिक वन संसाधन अधिकार एवं मान्यता, 5वीं अनुसूची क्षेत्र एवं पंचायत उपाबंध सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर मास्टर ट्रेनर्स द्वारा जानकारी दिया गया। उक्त विषयों पर प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया। उक्त प्रशिक्षण में आदिम जाति अनुसंधान संस्थान रायपुर की ओर से वन अधिकारी विशेषज्ञ श्री मनोहर चैहान, पेशा अधिनियम विशेषज्ञ अश्विनी कांगे सहित एसपी सिद्धार्थ तिवारी, जिला पंचायत सीईओ डीएन कश्यप, सहायक आयुक्त आदिम जाति विकास आरएस भोई, डीएफओ केशकाल बीएस ठाकुर, एसडीएम बीआर धु्रव, डीआर ठाकुर, डीडी मण्डावी, तहसीलदार विजय मिश्रा, नायब तहसीलदार हार्दिक श्रीवास्तव, सभी रेंजर, वनरक्षक, समाज प्रमुख, सरपंच, जिला वनअधिकारी समिति अनुभाग समिति के सभी सदस्य एवं जनप्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।