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स्ववित्तपोषित शिक्षकों के शोषण व उत्पीड़न का मानवाधिकार सुरक्षा संगठन ने लिया संज्ञान, दिया कुलसचिव अवध विश्वविद्यालय को ज्ञापन



अम्बेडकर नगर। डॉ राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या से सम्बद्ध अनुदानित महाविद्यालयों में उत्तर प्रदेश सरकार व शासन के आदेशों शासनादेशो व निर्देशो को धता बताकर प्राचार्य प्रबन्धको द्वारा महाविद्यालय के स्ववित्तपोषित शिक्षकों के किये जा रहे शोषण व उत्पीड़न का संज्ञान लेते हुए मानवाधिकार सुरक्षा संगठन युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ दिलीप कुमार शुक्ला के द्वारा कुलसचिव अवध विश्वविद्यालय को ज्ञापन देकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग किया गया है। डॉ शुक्ला ने बताया कि एक तरफ वैश्विक महामारी कोरोनाकाल में जहां स्ववित्तपोषित शिक्षकों की सुरक्षा व सुविधा की महती आवश्यकता है तो वहीं स्ववित्तपोषित शिक्षकों को मानवाधिकारों की रक्षा संरक्षा को कौन कहे, अवध विश्वविद्यालय परिक्षेत्र के अधिकांश अनुदानित महाविद्यालयों के प्राचार्यों व प्रबन्धको द्वारा आपदा को अवसर में परिवर्तित करते हुए घृणित कृत्य किया जा रहा। किन्हीं किन्हीं महाविद्यालयों में छात्र संख्या की कमीं का रोना रो कर वेतन की कटौती की जा रही है तो कुछ महाविद्यालयों द्वारा आपदा के समय स्ववित्तपोषित शिक्षकों को निष्कासन व महाविद्यालय छोड़ने की धमकी दी जा रही है। आसमान छूती मंहगाई के दौर में शासन व सरकार के आदेशों व निर्देशो की मनगढ़ंत व्याख्या करके महाविद्यालय के स्ववित्तपोषित शिक्षकों का निरन्तर शोषण व उत्पीड़न किया जा रहा है। उपरोक्त का त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रदेश संयोजक डॉ शुक्ला ने कुलसचिव अवध विश्वविद्यालय से मांग किया है कि विश्वविद्यालय से सम्बद्ध स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम संचालित समस्त अनुदानित महाविद्यालयों के स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों का आय व्यय, इन पाठ्यक्रमों में कार्यरत स्ववित्तपोषित शिक्षकों व देर वेतन की तत्काल प्रभाव से जांच कर शोषण व उत्पीड़न के दोषी प्राचार्य प्रबन्धको के खिलाफ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए स्ववित्तपोषित शिक्षकों के हो रहे मानवाधिकारों के उलंघन व हनन से सुरक्षा व संरक्षा प्रदान किया जाय। अनुदानित महाविद्यालयों के स्ववित्तपोषित शिक्षकों के साथ हो शोषण व उत्पीड़न के बावत मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश संयोजक डॉ दिलीप कुमार शुक्ला द्वारा राज्यपाल महोदया उत्तर प्रदेश, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के अध्यक्ष को संज्ञानार्थ पत्र प्रेषित किया है।