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मऊ की डॉक्टर पर धोखाधड़ी दर्ज,जांच शुरू, मुख्तार अंसारी को बाराबंकी के नंबर वाली एंबुलेंस से कोर्ट ले जाने का मामला




बाराबंकी। माफिया मुख्तार अंसारी को मोहाली कोर्ट में पेश करने में बाराबंकी के रजिस्ट्रेशन नम्बर वाली एंबुलेंस के मामले में एआरटीओ पंकज सिंह ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। मऊ में अस्पताल संचालिका डॉ अलका राय को नामजद कर फर्जी आईडी के सहारे रजिस्ट्रेशन कराने का आरोप लगाया गया है। शासन की लगातार नजर होने के कारण एफआईआर के बाद पुलिस ने जांच में ताकत झोंक दी है जल्द ही पंजाब या मऊ टीमें भी जा सकती है।

माफिया मुख्तार अंसारी से बाराबंकी कनेक्शन उजागर होने के बाद जिस तरह से एम्बुलेंस के रजिस्ट्रेशन से लेकर अस्पताल खुलने तक मे हुई धांधली की बखिया उधड़ी उससे प्रशासन की काफी किरकिरी हुई।

एम्बुलेंस की फिटनेस 2017 में समाप्त होना, अस्पताल का दर्ज पते पर न मिलना आदि धांधली से अफ़सरो के होश उड़े थे। फिटनेस को लेकर लेकर जनवरी 2020 में नोटिस देने की खानापूरी कर मामला फिर ठंडा हो गया था। पेशी के बाद नम्बर प्लेट उछली तो सच बाहर आ गया। शासन पूरे मामले पर पूरी नजर रख रहा है।

बीती देर रात एआरटीओ पंकज सिंह को मुकदमा दर्ज कराने का आदेश मिला। इसके बाद एआरटीओ श्री सिंह ने कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी। जिसमें कहा गया कि डॉ अलका राय के नाम-पते पर पंजीकृत एंबुलेंस की पत्रावली देखी गई थी तो उसमें वोटर आईडी देकर उसी के आधार पर पंजीकरण कराया गया था। तहरीर में एआरटीओ ने कहा कि वोटर आईडी का सत्यापन एसडीएम नवाबगंज द्वारा कराया गया जिसमें पाया गया कि वोटर आईडी फर्जी है। यही नहीं दर्शाए गए पते का जब स्थलीय सत्यापन किया गया तो रफीनगर मोहल्ले में आईडी पर दर्ज मकान नम्बर 56 मिला ही नहीं। इस नम्बर का मकान पड़ोस के मोहल्ले अभय नगर में मिला। उक्त मकान नम्बर में प्रदीप मिश्रा नामक व्यक्ति परिवार समेत रहते पाए गए। आसपड़ोस के लोगों ने भी बताया कि प्रदीप मिश्रा काफी वर्षों से रह रहे हैं। इतना ही नहीं प्रदीप मिश्रा व मोहल्ले के अन्य लोगों द्वारा बताया गया कि डॉ अल्का राय वहां कभी नहीं रहती थी। पुलिस ने डॉ अल्का राय को नामजद करते हुए धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

एआरटीओ आफिस में पुलिस ने की पूछताछ

गुड फ्राइडे के बावजूद शुक्रवार को एआरटीओ कार्यालय खुला था। सभी पटलों के क्लर्क भी मौजूद थे। इस दौरान मुकदमे के विवेचक वरिष्ठ उपनिरीक्षक शहर कोतवाली महेन्द्र सिंह ने सभी से पूछताछ की और एम्बुलेंस के पंजीकरण की मुख्य फाइल भी देखी। इसमें लगी वोटर आईडी की छाया प्रति भी विवेचक अपने साथ ले गए।

साक्ष्य जुटाने में लगी टीमें,पूछताछ हुई

पुलिस की टीम मऊ जनपद में डा. अल्का राय व उनके अस्पताल का पूरा ब्यौरा खंगालने के लिए जल्द ही जा सकती है। इसकी वजह अस्पताल का पता है। एम्बुलेंस के पंजीकरण प्रपत्र पर उनका मूल पता वोटर आईडी के हिसाब से बाराबंकी का दर्ज है। मगर एम्बुलेंस फाइनेंस करने वाली महिन्द्रा कम्पनी में पता श्याम संजीवनी हास्पिटल, एनएच-29 भीटी, मऊनाथ भंजन, मऊ दर्ज है। पुलिस को इस बात की तलाश भी है कि बाराबंकी में पंजीकृत एम्बुलेंस की वास्तविक लोकेशन क्या है। ऐसे में सूत्र बताते हैं कि एम्बुलेंस प्रकरण में पुलिस की एक टीम पंजाब भी जाएगी। टीम पंजाब के रोपड़ जनपद जाकर जेल की सीसी टीवी फुटेज को खंगाल सकती है। जिसमें एम्बुलेंस चालक का चेहरा और उसका फोन नम्बर भी मिलने की उम्मीद है। इतना ही नहीं एम्बुलेंस किसके आदेश से जेल से मुख्तार अंसारी को ले गई, पुलिस इसे भी खंगाल सकती है।