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और आश्वासन पर परमहंस दास भी मान गए, तोड़ा अनशन,इस मांग को लेकर एक पखवारे से कर रहे थे अनशन


अयोध्या। भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने और देश में रह रहे मुस्लिमों की नागरिकता खत्म करने की मांग को लेकर एक पखवारे से आमरण अनशन कर रहे परमहंस ने सोमवार को आश्वासन पर अपना अनशन खत्म कर दिया।


   समय-समय पर अनुष्ठान, धरना प्रदर्शन,चेतावनी और बयानबाजी को लेकर चर्चा में रहने वाले तपस्वी छावनी के आचार्य परमहंस दास ने सरकार से भारत देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करने और देश में रह रहे मुसलमानों की नागरिकता खत्म करने की मांग की थी। सरकार की ओर ओर से मांग न पूरी किये जाने पर उन्होंने 12 अक्टूबर की सुबह अन्न जल त्याग कर अपने आश्रम पर ही अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया था। अनशन कर रहे साधु की गिरती सेहत के मद्देनजर जिला पुलिस और प्रशासन ने अनशन के नौवें दिन श्री दास को जबरदस्ती जिला अस्पताल पहुंचा दिया था। अस्पताल प्रशासन ने उनको ग्लूकोज चढ़ाया था और उपचार किया था। हालांकि जिद पर अड़े श्री दास ने जिला अस्पताल के वार्ड में ही फिर से अनशन शुरू कर दिया था। दावा किया था कि उन्होंने अपना आमरण अनशन तोड़ा नहीं है और यह मांग पूरी होने अथवा जान जाने तक जारी रहेगा।


सोमवार को सुबह ही श्री दास ने वीडियो बयान जारी कर कहा कि बिना देश के प्रधानमंत्री मोदी से बात किए और मांग पूरी हुई वह अनशन नहीं खत्म करेंगे। चाहे इसके लिए जान भले ही चली। बयान में उनका कहना है कि अखंड भारत का विभाजन धार्मिक आधार और द्विराष्ट्र के सिद्धांत पर हुआ। मुसलमानों को पाक और बांग्लादेश मिल गया, भारत को हिंदू राष्ट्र होना ही चाहिए। हालांकि कुछ घंटों बाद श्री दास ने यू टर्न ले लिया और अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता के हाथों जूस पर पीकर अपना अनशन खत्म कर दिया। बताया गया कि विधायक ने श्री दास की वार्ता गृह मंत्री के पीए से कराई है और वहां से वार्ता के लिए समय देने का आश्वासन दिया गया है। इसके पूर्व राजस्थान के साधु प्रकरण को लेकर हनुमानगढ़ी में आमरण अनशन कर रहे राजू दास ने भी आश्वासन पर अपना अनशन खत्म किया था