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जिला कारागार में विधिक जागरूकता एवं कोविड-19 के बचाव हेतु शिविर का आयोजन सम्पन्न



एटा- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देश तथा माननीय अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जनपद न्यायाधीश, एटा के निर्देशानुसार 21 दिसम्बर को सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एटा श्रीमती साधना कुमारी गुप्ता द्वारा जिला कारागार, एटा में निरूद्ध बन्दियों हेतु विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एटा द्वारा निरूद्ध बन्दियों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया तथा उनकी समस्याओं को सुना गया तथा भारत के संविधान की प्रस्तावना के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुये संविधान में दिये गये कर्तव्यों की शपथ दिलायी गयी।


 सचिव द्वारा जिला कारागार में निरूद्ध बन्दियों को कोरोना वायरस के लक्षणों के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये उन्हे अवगत कराया गया कि कोरोना वायरस से बचने के लिए वे अपनी व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें तथा छींकते व खाॅसतें समय अपने मुॅह पर कपडा अथवा रूमाल आदि अवश्य बाॅधें तथा हर पल अपने चेहरे पर मास्क लगाये रखें। सचिव द्वारा उन्हे यह भी अवगत कराया कि अपने हाथों को किसी भी साबुन से प्रत्येक 20 मिनट बाद धोते रहे अथवा सैनीटाइजर का प्रयोग करें तथा स्वंय को अस्वस्थ महसूस होने पर तुरन्त जिला कारागार के चिकित्सक से सम्पर्क करें।


सचिव द्वारा अधीक्षक जिला कारागार एटा को निर्देशित किया गया कि वह जिला कारागार के अन्दर साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था रखे और यदि कोई भी बन्दी अस्वस्थ नजर आये तो उसे तुरन्त जिला कारागार के चिकित्सक को दिखायें। इस शिविर में सचिव द्वारा अधीक्षक जिला कारागार एटा से जिला कारागार एटा में निरूद्ध बन्दियों को कोविड-19 से सुरक्षित रखने के संबंध में विस्तृत चर्चा भी की गयी। सचिव द्वारा जिला कारागार में नियुक्त किये गये पराविधिक स्वयं सेवकगण प्रमोद कुमार तोमर को निर्देशित किया गया कि यदि जिला कारागार एटा में किसी भी निरूद्ध बन्दी को किसी भी प्रकार की कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो, तो वे उसका उपचार अविलम्ब जिला कारागार में नियुक्त चिकित्सक से कराये तथा प्रत्येक निरूद्ध बन्दी की किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उसकी सहायता करें। इस शिविर के आयोजन पर अधीक्षक जिला कारागार, डिप्टी जेलर, एवं पराविधिक स्वंयसेवकगण आदि उपस्थित रहे।