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कोर ज़ोन के गेरुआ नदी में रातोंरात हो रहा मछलियों का शिकार, वन विभाग शिकारियों को पकड़ने मे नाकाम




बहराइच। भारत नेपाल सीमा स्थित कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के कोर ज़ोन बाघों के प्राकृतिक वास वाले घने जंगलों के बीच गेरुआ नदी में इन दिनों मछलियों का अवैध शिकार बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। रातोंरात शिकारियों की घुसपैठ जंगल मे हो रही है जिससे वन्य एंव जलीय जीवों पर खतरा मंडरा रहा है। गेरुआ नदी के जलचर जैसे घड़ियाल , मगरमच्छ , डॉल्फिन , कछुआ , प्रवासी पक्षियों व दुर्लभ प्रजाति की महाशेर मछली आदि के आस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। वन विभाग कतर्नियाघाट के वनकर्मी गेरुआ में मछली का अवैध शिकार व शिकारियों की घुसपैठ को रोकने में नाकाम हैं। पिछले कई दिनों से कतर्नियाघाट रेंज के भवानीपुर घाट से लेकर आम्बा और नेपाल के कोठियाघाट गेरुआ नदी तक बड़े पैमाने पर मछलियों का अवैध शिकार किया जा रहा है। गेरुआ में शिकारियों ने कई बोट पानी में छिपा रखी है साथ ही ट्यूब के सहारे नदी में जाल लगाकर शिकार करते है। कई प्रजाति की मछलियों समेत महाशेर मछली का भी शिकार तेजी पर है। शिकारी रातोंरात शिकार कर भोर होने तक बिछिया,भवानीपुर , गिरिजापुरी की तरफ के जंगल के कई रास्तों से मछलियों का खेप मंझरा आढ़त पर पहुचाने का काम कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक खैरटिया और बर्दिया के शिकारियों द्वारा मछली का शिकार किया जा रहा है।