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घायल छुट्टा पशुओं के जख्म पर कौन लगाएगा मरहम, जिम्मेदार बेखबर



रामनगर/बाराबंकी:प्रदेश की योगी सरकार छुट्टा पशुओं के लिए गौआश्रालयो का निर्माण कराने तथा छुट्टा पशुओं को इन गौ आश्रय स्थलों में रखकर इनकी देखभाल के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। लेकिन सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद भी बेपरवाह अधिकारी छुट्टा पशुओं को पकड़ने और इनकी देखभाल करने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिसके चलते तहसील क्षेत्र के कस्बा रामनगर, तिलोकपुर, सुंधियामऊ, रानी बाजार, बिंदौरा रानीगंज गणेशपुर, लोहटीजई, मीतपुर, बड़नपुर, गोबरहा, हरीनारायणपुर, सिरकौली सहित अनेकों गावो में छुट्टा पशुओं के झुंड के झुंड घूमते देखें जा सकते है । बड़ी तादाद में मौजूद इन छुट्टा पशुओं से परेशान किसानों ने अपनी फसलों को बचाने के लिए खेत के चारो तरफ कटीले तार लगा रखे हैं। ऐसे में जब भूख से व्याकुल बेजुबान पशु खेतो में घुसने का प्रयास करते है तो इन कटीले तारो में फस कर घायल हो जाते हैं। लेकिन जिम्मदार अधिकारी इन घायल पशुओं के दवा इलाज पर भी ध्यान नही देते । जिसके चलते घायल पशु चिकित्सा के अभाव में तड़प तड़प कर दम तोड देते है। इतना ही नहीं इन पशुओं की मृत्यु के बाद इनके शवो के निस्तारण तक की जहमत नहीं की जाती है। जिससे यहां वहां पड़े मृत पशुओं के शवों से उठने वाली दुर्गन्ध से कई प्रकार के रोगो के फैलने की भी आशंका बनी रहती है।गणेशपुर मोड़ पर काफी समय से ऐसा ही एक सांड घायल अवस्था में घूमते हुए देखा जा सकता है। लेकिन स्थानीय जनता द्वारा अवगत कराने के बाद भी अभी तक कोई भी जिम्मदार इस घायल सांड की सुध लेने नही पहुचा है । ऐसे में इन बेजुबानों के चारे पानी से लेकर इनके दवा इलाज के नाम पर शासन से भेजा जाने वाला बजट आखिर कहा खर्च किया जा रहा है सवाल बड़ा।