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कुशीनगर :पांच वर्षीय बच्ची के साथ किया दरिंदगी,बच्ची को बेहोशी की हाल में छोड़ अपराधी हुए फरार



जनपद कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के एक गांव में शुक्रवार की रात आठ बजे घर से बाहर निकली पांच वर्षीय मासूम को एक दरिंदा उठा ले गया और गांव के बाहर ले जाकर रेप किया। खून से लतपथ हाल में बेहोश छोड़ कर सभी वहां से फरार हो गया। देर रात खोजते पहुंचे परिजनों को लड़की बेहोशी की हाल में मिली तो उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बतायी है। पांच वर्षीय बच्ची रात करीब आठ बजे खाना खाने के बाद घर से बाहर निकली तभी गांव के ही एक मनबढ़ ने उसे कोहरे का लाभ उठाकर उठा लिया और घर से पश्चिम पांच सौ मीटर दूर सरसों के खेत में ले जाकर रेप किया। बच्ची को बेहोशी की हाल में छोड़ अपराधी फरार हो गया। उधर जब कुछ देर बाद बच्ची गायब मिली तो परिजनों ने अगल बगल पूछताछ की। ग्रामीणों ने खोजना खुरू किया तो रात बारह बजे गांव के बाहर सरसों के खेत में मासूम खून से लतपथ बेहोशी की हाल में मिली। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नेबुआ नौरंगिया ले जाया गया जहां उसकी हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने जिलाचिकित्सालय पडरौना रेफर कर दिया। जिला अस्पताल से डाक्टरों ने उसे मेडिकल कालेज गोरखपुर भेज दिया।जनप्रतिनिधियों ने उच्चाधिकारियों घटना की सूचना दी। इसके बाद शनिवार को सुबह एएसपी अयोध प्रसाद सिंह, सीओ खड्डा शिवस्वरूप व एसओ नेबुआ नौरंगिया पवन सिंह दल बल के साथ गांव पहुंचे। डॉग स्क्वायड व फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम भी मौके पर बुलायी गयी। परिजनों के शक के आधार पर गांव के कुछ लोगों से पुलिस ने पूछताछ की। डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल से साक्ष्य लिए। खोजी कुत्ते ने घटनास्थल से एक किलोमीटर दूर एक व्यक्ति के घर पहुंचकर खून लगी शर्ट और लोअर बरामद कराया। पुलिस ने इस आधार पर इस परिवार के मुखिया और युवा बेटे के साथ ही उसके दो दोस्तों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। एसओ पवन सिंह ने बताया कि सूचना पर कार्रवाई की जा रही है। अभी तहरीर नहीं मिली है। पूछताछ लिए तीन चार लोगों को उठाया गया है। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। रात में ही दी पुलिस को सूचना मगर पुलिस साथ नहीं गयी

पीड़ित बालिका के पिता ने बताया कि रात में उसने पुलिस को सूचना दे दी थी। पुलिस ने आने में देर कर दी और खुद अकेले बच्ची को लेकर अस्पताल निकल गया। जिला अस्पताल तक तो डॉक्टरों ने बच्ची को देखा मगर मेडिकल कॉलेज में बिना पुलिस के डॉक्टरों ने बच्ची को भर्ती करने से इनकार कर दिया। काफी मशक्कत के बाद शनिवार को सुबह उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।