समितियों में पदासीन होने के बाद बगावत कर लड़ रहे जिला पंचायत चुनाव

समितियों में पदासीन होने के बाद बगावत कर लड़ रहे जिला पंचायत चुनाव




सीतापुर। भाजपा ने जिन्हें मान, सम्मान व पद दिया आज वही भाजपा से बगावत कर भाजपा प्रत्याशी को मात देने के लिए चुनाब मैदान में उतर कर क्षेत्र में दिन रात एक किये हुए है। ऐसे पार्टी से बगावत करने वाले प्रत्याशियों के विरुद्ध शीघ्र कार्यवाही हो सकती है।बताते चले कि भाजपा से दावेदारी करने वालो की लम्बी छोड़ी फेहरिस्त थी जिला पंचायत चुनाव की दावेदारी करने वाले जो उम्मीदवार अभी तक भाजपा के गुणगान गाया करते थे और जैसे ही समर्थित प्रत्याशियों की सूची आई वही उम्मीदवार भाजपा के पद पर आसीन होने के बावजूद बगावत कर चुनाव लड़ रहे है। क्यो कि बीते वर्ष जिला पंचायत सदस्यों को मिली मलाई हर ब्यक्ति चखना चाह रहा है। एन केन प्रकारेण किसी तरह से जिला पंचायत सदस्य बन जाऊ। और क्षेत्र में जीत के लिए दिन रात एक किये हुए है। कल तक यही उम्मीदवार भाजपा की योजनाओं का प्रचार प्रसार कर रहे थे भाजपा से पार्टी का समर्थन न मिलने से पार्टी से बगावत कर नामांकन कर क्षेत्र में अपनी जीत के लिए पुरजोर कोशिश में लगे हुए है। इतना ही नही भाजपा से ही पदाधिकारी होने के बावजूद घोषित प्रत्याशी के सामने चुनाव मैदान में उतर कर भाजपा प्रत्याशी को मात देने का काम कर रहे है। भाजपा जिलाध्यक्ष अचिन मेहरोत्रा से जब भाजपा के पद पर आसीन होने के बाद भाजपा से ही बगावत कर वही आज समर्थित प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले के विषय पर जानकारी ली तो उन्होंने कहा कि तीन चार ऐसे लोग है जिनको समितियों का पदाधिकारी बनाया गया है वही लोग आज बगावत कर चुनाव लड़ रहे है शीघ्र ही ऐसे लोगो पर कार्यवाही की जाएगी। अब देखना यह है क्या विभिन समितियों के पदाधिकारी होने के बावजूद बगावत कर चुनाव लड़ने वालों पर कार्यवाही होगी या नही। यह अभी भविष्य के गर्म में है।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ