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डीएम साहब: आखिर यह कैसी सरकार की योजनाएं, पात्रों को मिलने वाली योजना अपात्रों की झोली में




डलमऊ/ रायबरेली:जहा एक तरफ सूबे के मुखिया महंत योगी आदित्यनाथ सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को हर गरीब तबके के लोगों तक पहुंचाने की कवायद में जुटे हैं तो वही सरकारी नौकरशाही के चलते गरीब तक योजनाऐं पहुंचने के पहले ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं। बताते चलें कि डलमऊ ब्लॉक के कुंडवल गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्रों को आवास नहीं मिल रहे है बल्कि अपात्रों को आवास दिए जा रहे हैं जबकि प्रधानमंत्री का सपना है कि हर मिट्टी के मकान में रहने वाले सभी गरीब परिवार के लोगों के लिए पक्के मकान मिल सके। इस लिए पीएम आवास योजना के तहत हर गरीब परिवारों को 1 लाख 47 हजार रुपए में मकान बनाने के लिए मिल रहा है। मामला डलमऊ ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंडवल का है। जहां 2019-2020 में केंद्र सरकार ने गांव के गरीब परिवारों को पक्का मकान बनने के लिए 1 लाख 47 हजार रुपए की राशि पात्र व्यक्तियो के खाते में डाली थी। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी की कमाई का जरिया बन गई है। गांवों में योजना का लाभ देने के लिए प्रधान-सेक्रेटरी मनमाने तरीके से लाभार्थियों की सूची तैयार कर रहे हैं। जिसमें गरीब परिवारों से 10,000 से लेकर ₹20000 की वसूली करने के आरोप लग रहे हैं। जब इस मामले में ग्रामीणों से बात की गई तो उन्होंने ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी को बताया कि पैसों की मांग करते हैं। मामले में अफसरों ने संजीदगी नहीं दिखाई तो पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से पूरी तरह से वंचित रह जाएंगे।